हरिद्वार कुंभ 2021: सीएम तीरथ सिंह रावत का फैसला- कुंभ मेले में प्रवेश के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य नहीं

चैतन्य भारत न्यूज

हरिद्वार. हिंदू धर्म में कुंभ मेले का बहुत महत्व है। ये दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक कार्यक्रम है। भारत में हर 12वें वर्ष हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक में इसका आयोजन किया जाता है। हालांकि, कुंभ मेले के इतिहास में पहली बार ये पहली बार हरिद्वार में यह 12 साल की बजाए 11वें साल में आयोजित होगा।

महाकुंभ 2021 के लिए हरिद्वार तैयार है, लेकिन इस बार शासन-प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है श्रद्धालुओं का कोरोना महामारी से बचाव सुनिश्चित करना। अधिकारियों का सबसे अधिक ध्यान इस बात पर है कि लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और साधु-संतों को कुंभ में हिस्सा लेने के बाद कैसे सुरक्षित वापस भेजा जाए।

अब कोरोना निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य नहीं

उत्तराखंड सरकार ने पहले यह तय किया था कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को मेले में प्रवेश के लिए कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट लानी पड़ेगी. लेकिन अब सरकार ने नियमों में बदलाव कर कहा कि हरिद्वार कुंभ में आने के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य नहीं होगी। लेकिन कोविड-19 नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। यह कहना है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का। वह शनिवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे। वहीं उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड और गैरसैंण को मंडल बनाने के फैसले पर भी विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि 12 सालों के बाद होने वाला महाकुंभ श्रद्धा और भावनाओं से जुड़ा है। जिसमें देश दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की गंगा के प्रति आस्था रहती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ के लिए पर्याप्त बसों का इंतजाम किया जाए। वहीं, कुंभ क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत व साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।

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