हाथरस मामला : मीडिया कवरेज के बहाने जातीय दंगा भड़काना चाहते थे, मॉरीशस से की थी 100 करोड़ की फंडिंग, चार संदिग्ध गिरफ्तार

चैतन्य भारत न्यूज

हाथरस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शुरुआती रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि हाथरस कांड के बहाने जातीय दंगा फैलाने के लिए पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पास मॉरिशस से 50 करोड़ आए थे। इतना ही नहीं बल्कि ईडी ने यह भी दावा किया है कि, यह पूरी फंडिंग 100 करोड़ से अधिक रुपए की थी। अब इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।

बता दें हाथरस में दंगे की साजिश रचने के आरोप में मेरठ से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि ये चारों हाथरस में कवरेज के बहाने माहौल बिगाड़ने जा रहे थे। इनका संबंध पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) संगठनों से है। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस ने एक कथित पत्रकार और तीन अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इनके पास से भड़काऊ साहित्य बरामद किया था। इससे पहले यूपी पुलिस ने एक वेबसाइट के जरिए दंगों की साजिश का दावा भी किया है।

पुलिस ने एफआईआर में बताया है कि, ये लोग हाथरस में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। वहीं कथित पत्रकार Carrd।co नामक वेबसाइट का संचालक है। इस वेबसाइट की फंडिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस सूत्र बताते हैं कि वेबसाइट की फंडिंग पारदर्शी नहीं है और दंगे भड़काने में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा था।

पकड़े गए लोगों के नाम अतीक उर रहमान पुत्र रौनक अली निवासी नगला थाना रतनपुरी मुजफ्फरनगर, सिद्दीकी पुत्र मोहम्मद चैरूर निवासी बेंगारा थाना मल्लपुरम केरल, मसूद अहमद निवासी जरवल थाना व कस्बा जरूर रोड जनपद बहराइच और आलम पुत्र लाइक पहलवान निवासी घेर फतेह खान थाना कोतवाली जनपद रामपुर हैं।

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