ऐतिहासिक उपलब्धियों को कम तवज्जो मिलने से दुखी हैं दुती चंद और हिमा दास, बोलीं- हमें भी क्रिकेटर्स जैसा प्यार दें

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चैतन्य भारत न्यूज

भारत की स्टार धाविका हिमा दास ने मात्र 20 दिनों में पांच गोल्ड मैडल अपने नाम कर लिए हैं, तो वहीं दुती चंद भी विश्व यूनिवर्सिटी खेल में गोल्ड जीतकर आईं। जानकारी के मुताबिक, क्रिकेटर्स के मुकाबले अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों को बेहद कम तवज्जो मिलने से ये दोनों ही धाविका दुखी हैं।

दुती के मुताबिक, ’11 सेकंड दौड़ने के लिए वर्षों एड़ियां घिसी हैं। धावक रोज सुबह 4 बजे उठकर 8-8 घंटे प्रैक्टिस करता है। ऐसे में अगर देश उसकी उपलब्धियों को नजरअंदाज कर दे, तो उसे कैसा लगेगा। आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं। प्लीज हमें भी क्रिकेटर्स जैसा प्यार दें।’

वहीं हिमा को भी यही मलाल है। हिमा का कहना है कि, ‘मीडिया की वजह से क्रिकेट को पूरा सम्मान मिल पाया है। ऐसे में मीडिया की ये भी तो जिम्मेदारी है कि ऐसा ही सम्मान बाकी खेलों को भी मिले।’ उन्होंने कहा कि, ‘लोग एथलेटिक्स की प्रतियोगिताओं के बारे में जितना जानेंगे, उतना ज्यादा प्यार करेंगे।’

बता दें हिमा ने बीते शनिवार को चेक गणराज्य में हुए एक एथलीट मीट में 400 मीटर रेस में पांचवा गोल्ड मैडल जीता है। इससे पहले वह चार गोल्ड मैडल अपने नाम कर चुकी हैं। इतना ही नहीं बल्कि 20 दिन में पांच गोल्ड मैडल जीतकर हिमा ने इतिहास रच दिया है। वहीं दुती हाल ही में विश्व यूनिवर्सिटी खेलों में 100 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर इन खेलों में अव्वल रहने वाली पहली भारतीय महिला ट्रैक और फील्ड खिलाड़ी बन गईं हैं। 23 साल की दुती ने 11.32 सेकंड के साथ यह रेस जीती।

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