हिमाचल: बोह में अब तक पांच लोगों को बचाया, नौ लोग अलापता, भू-स्खलन की चपेट में आए आधा दर्जन घर

चैतन्य भारत न्यूज

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में आए भारी जल प्रलय के बीच धर्मशाला से करीब 45 किलोमीटर दूर शाहपुर उपमंडल के धारकंडी के साथ बोह में बादल फटने से हुए भू-स्खलन की चपेट में करीब आधा दर्जन घर आ गए और 16 लोग दब गए। शाहपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर बोह घाटी में सोमवार को भारी बारिश से आई बाढ़ में 10 घर बह गए। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए मंगलवार सुबह करीब पांच बजे एनडीआरएफ के 50 जवानों ने बचाव अभियान शुरू किया।

सोमवार देर रात तक चले बचाव अभियान के दौरान पांच लोगों को सुरक्षित बचाया गया। इनमें दो बच्चियां भी शामिल हैं। खबर लिखे जाने तक मलबे से एक शव निकाला जा चुका था, जबकि दो बह गए। पांच लोगों को बचा लिया गया है। 9 लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही थी। मरने वालों में एक महिला शामिल है, जबकि बाप-बेटे बह गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त और एसपी कांगड़ा भी घटनास्थल पर जा चुके हैं। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने बताया कि पुलिस व अन्य बचाव दल की टीमें लोगों को मलबे से बाहर निकालने के लिए प्रयासरत हैं। इस आपदा से कई परिवार बेघर हो गए हैं।

बता दें सोमवार को प्रदेश में मौसम के कहर से कुछ लोगों की जान चली गई। मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से प्रदेश भर में 10 घर बह गए। कई परिवारों के सिर से छत छिन गई। प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गई है। धर्मशाला में करीब 23 साल बाद 24 घंटे के भीतर 395 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी।  वहीं, नगरोटा बगवां में दस साल की लड़की बह गई थी, जिसका शव 300 मीटर दूर मिला। पर्यटन स्थल भागसूनाग में 12 कारें, एक दर्जन मोटरसाइकिलें और शीला चौक में दो पुल बह गए थे। शीला चौक के पास एक श्मशानघाट बह गया और पासू में प्राइमरी स्कूल में पांच फीट तक पानी भर गया था।

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