किन्नौर : गाड़ी पर चट्टान गिरने से 9 की मौत, कुदरत ने एक दिन पहले दी थी चेतावनी, पर प्रशासन नहीं जागा

चैतन्य भारत न्यूज

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में रविवार को दिल दहलाने वाला हादसा हुआ। यहां कुछ खुशनुमा पल बिताने के लिए पहुंचे लोगों के सिर पर मौत बरसी, जब पहाड़ी इलाके में लैंडस्लाइड हुआ और काफी कुछ बह गया। किन्नौर के इस हादसे में कुल नौ लोगों की मौत हो गई है। कुदरत ने इस हादसे के एक दिन पहले चेतावनी दे दी थी, फिर भी प्रशासन की नींद नहीं खुली।

दरअसल, किन्नौर के बटसेरी के पास जिस जगह हादसा हुआ, वहां पर एक दिन पहले भी पहाड़ी से कार पर पत्थर गिरे थे। पर्यटक और चालक गाड़ी छोड़कर भाग गए थे। गाड़ी चकनाचूर हो गई थी। लेकिन सवाल यह है कि समय रहते न तो जिला प्रशासन जागा और न ही पुलिस। पत्थर हटाकर इस मार्ग को बहाल कर दिया गया। दूसरे ही दिन उसी जगह पर हादसा हो गया और नौ पर्यटकों की जान चली गई।

रविवार को हुए हादसे के बाद अब प्रशासन ने इस मार्ग पर आवाजाही पर रोक लगाई है। रोक लगने से छितकुल और रक्षम में दर्जनों पर्यटक फंस गए हैं। प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से जनजातीय जिला किन्नौर काफी संवेदनशील माना जाता है। यहां हर वर्ष प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है। बीते दिनों जहां खरोगला नाला में बाढ़ की स्थिति बनी हुई थी, वहीं सांगला वैली के बटसेरी में शनिवार सुबह से पहाड़ी दरकने का सिलसिला शुरू हो गया था।

देवदूत बनकर पहुंचे ग्रामीण

रविवार दोपहर जब हादसा पेश आया तो यहां की बटसेरी, रक्षम, थेमगारंग और सांगला पंचायत के दर्जनों ग्रामीण और युवा घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए। पुलिस, होमगार्ड, आपदा प्रबंधन और जेएसडब्ल्यू परियोजना के बचाव दल ने करीब चार घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और हादसे के मृतकों और घायलों को घटनास्थल से बाहर निकालने में सफलता पाई। रेस्क्यू में जुटे ग्रामीणों ने चट्टानों के खतरे के बावजूद जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाया।

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