नदी में गिरीं गाड़ियां, पहाड़ पर अटकी बस, पत्थर गिरने के कारण रोका गया बचाव कार्य, अब तक 15 लोगों की मौत

चैतन्य भारत न्यूज

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में बुधवार दोपहर को बड़ा हादसा हुआ। जिले के निगुलसेरी नेशनल हाईवे-5 पर चील जंगल के पास चट्टानें गिरी जिसमे यात्री बस और कार फंस गई थी। हादसे के बाद रेस्क्यू एजेंसियां अब तक का सबसे मुश्किल ऑपरेशन चला रही है। आईटीबीपी ने हाइवे को फौरी तौर पर खोल दिया गया है, लेकिन इस हाइवे पर अब भी पत्थर गिर रहे हैं।

नेशनल हाइवे-5 पर टूटी इस आफत के बाद इस वक्त जो सबसे मुश्किल काम है वो है रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन। किन्नौर का ये सर्च ऑपरेशन कई मामलों में अलग और खतरनाक है। अपने जांबाज हौसलों के लिए पहचाने जाने वाली इंडो तिब्बत पुलिस फोर्स और एनडीआरएफ एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। वजह ये है कि चौरा और निगुलसरी के बीच ये वो इलाका है, जहां कब पहाड़ फिर दकरने लगे कुछ नहीं कहा जा सकता। हालांकि हाइवे खोल दिया गया है, लेकिन रेस्कयू टीमों को डर है कि कहीं वो खुद ताजा लैंड स्लाइड की चपेट में ना आ जाए।

अब तक 15 लोगों की मौत

किन्नौर का भयानक लैंडस्लाइड कई लोगों को मौत में मुंह में धकेल चुका है। इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। 23 घंटे बाद भी अब तक बस के सारे यात्रियों के बारे में पता नहीं चला है। हादसे की जगह पर अब ये लोग खुद अपनों की तलाश कर रहे हैं।

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