शौचालय में हुई महिला की डिलीवरी, 10 फीट गहरे गड्डे में जा गिरी नवजात, 8 घंटे बाद बाहर निकाली गई

चैतन्य भारत न्यूज

हिसार. हरियाणा के हिसार जिले के आदमपुर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गर्भवती महिला की कुई (शौचालय) में ही डिलीवरी हो गई, जिसके बाद नवजात उसी में जा गिरी। नवजात को करीब 8 घंटे बाद कुई से जिंदा बाहर निकाला गया। फिर बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवाया जहां से वह स्वस्थ होकर घर लौटी।

मामला चौधरीवाली गांव से सामने आया है जहां पूजा नाम की एक महिला का प्रसव समय नजदीक था। वह शुक्रवार सुबह करीब चार बजे उठकर आंगन में टहल रही थी। फिर वह शौचालय गई जहां बैठते ही पूजा ने बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के तत्काल बाद पूजा बेहोश हो गई। इसी दौरान नवजात शौचालय की कुई में समा गई। कुछ समय के बाद पूजा को होश आया तो बच्चे के रोने की आवाज तो सुनाई दी, लेकिन वह कहीं नहीं दिखाई दी। पूजा ने परिवार के अन्य सो रहे सदस्यों को तत्काल घटनाक्रम की जानकारी दी।

फिर पूजा के ससुर और परिवार के अन्य लोग भी तुरंत शौचालय में पहुंच गए। उन्हें भी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी तो पता चला कि आवाज कुई से आ रही है। सुबह-सुबह शोर सुनकर आस-पड़ोस के लोग भी इक्कठा हो गए। फिर नवजात के दादा ने कुई का पत्थर हटाने का प्रयास शुरू कर दिया। हालांकि, पत्थर काफी भारी था, इसलिए उसे तोड़ने में कई घंटे का वक्त लगा। फिर जैसे-तैसे पत्थर को तोड़ा गया तो अंदर गंदगी का ढेर जमा था। दादा विष्णु ने इसकी परवाह न करते हुए नवजात को बाहर निकाल लिया।

पांच दिन चली जिंदगी और मौत की आंख मिचौली

दादा विष्णु बच्ची को तुरंत आदमपुर के बगला के एसएल मिंडा मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल तक पहुंचते-पहुंचते बच्ची की तबीयत खराब होने लगी। अस्पताल की डॉ। मीनू गोयल ने मासूम की जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष शुरू किया और आखिरकार पांच दिन जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद बच्ची की जान बचा ही ली। मंगलवार को उपचार के बाद बच्ची को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बच्ची के दादा और दादी ने आरती उतार कर उसका स्वागत किया।

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