इतिहासकार, शोधकर्ता और लेखक एम. चिदानंद मूर्ति का निधन

chidananda murthy,chidananda murthy ka nidhan,

चैतन्य भारत न्यूज

कर्नाटक. इतिहासकार, शोधकर्ता और लेखक एम. चिदानंद मूर्ति का बेंगलूरू में शनिवार को 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लेखक ने बेंगलूरू के निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। उन्हें हाल ही में सांस लेने में तकलीफ होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक वह निमोनिया से पीड़ित थे।



चिदानंद मूर्ति कर्नाटक के प्रसिद्ध विद्वान हैं जो कन्नड़ भाषा और प्राचीन कर्नाटक के इतिहास के विशेषज्ञ हैं। चिदानंद मूर्ति को हंपी के स्मारकों के संरक्षण और कन्नड़ भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के अभियान के लिए भी जाना जाता है। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। सूत्रों के मुताबिक, अंतिम दर्शन के लिए चिदानंद मूर्ति का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पर लाया गया है और रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बता दें, चिदानंद मूर्ति का जन्म 10 मई 1931 में हुआ था। चिदानंद मूर्ति ने 1953 में मैसूर विश्वविद्यालय से आर्टस (सम्मान) की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 1957 में मैसूर विश्वविद्यालय से कन्नड़ साहित्य में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की।कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा, कांग्रेस नेता सिद्धरमैया, जेडीएस नेता एच डी कुमारस्वामी सहित कई हस्तियों ने चिदानंद मूर्ति के निधन पर शोक व्यक्त किया।

कन्नड़ भाषा येदियुरप्पा ने कहा कि, मूर्ति ने अपनी उम्र का हवाला देते हुए विधान परिषद सदस्य बनने से मना कर दिया था। उन्होंने बताया कि, मूर्ती को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया।

Related posts