बसंत पंचमी से ब्रज में होली महोत्सव की शुरुआत, 40 दिनों तक बिखरेंगे आस्था के रंग

चैतन्य भारत न्यूज

मां सरस्वती को समर्पित बसंत पचंमी पर्व से ब्रज में होलिकोत्सव की शुरुआत हो जाती है। इस महापर्व पर होलिका दहन के स्थलों पर डांढ़ा लगाया जाता है और अगले 40 दिन तक विभिन्न रूपों में इसकी धूम होती है। वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सुबह श्रृंगार आरती के बाद में अबीर-गुलाल से होली खेली गई। मंदिर परिसर ठाकुरजी के जयकारों से गुंजायमान हो गया।



 

क्या होता है डांढ़ा

डांढ़ा लकड़ी का टुकड़ा होता है, जिसके आस पास होलिका सजाई जाती है और होलिका दहन तक लकड़ी डाली जाती है। इस दिन राधा रानी के गांव बरसाना में बैलगाड़ियों की शोभायात्रा भी निकाली जाती है। बसंत पंचमी के दिन यहां के प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों पर भी गुलाल के छींटे डाले जाते हैं और संगीत का कार्यक्रम किया जाता है।

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40 दिन का ब्रज का फाग महोत्सव

ब्रज में आज से 40 दिवसीय फाग महोत्सव की शुरुआत हो जाएगी और यहां होने वाले होली के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए देश और दुनिया से श्रद्धालुओं का ब्रज में आगमन शुरू हो जाएगा। ब्रज की होली को लेकर यह भी कहा जाता है कि ‘सब जग होरी या ब्रज होरा।’

ये होंगे होली के कार्यक्रम

16 मार्च- रमणरेती आश्रण में रंग गुलाल की होली
22 मार्च को नंदगांव में फाग आमंत्रण महोत्सव
22 मार्च को बरसाना श्रीजी मंदिर में लड्डू होली
23 मार्च बरसाना में लठामार होली
24 मार्च नंदगांव में लठामार होली
25 मार्च रंगभरनी एकादशी पर वृंदावन की होली एवं श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर सांस्कृतिक कार्यक्रम/होली
28 मार्च को फालैन में होलिका दहन से निलेगा पंडा
30 मार्च बलदेव में दाऊजी का हुरंगा

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