बसंत पंचमी से ब्रज में होली की शुरुआत, 40 दिन तक ऐसा होगा पूरा कार्यक्रम

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चैतन्य भारत न्यूज

मां सरस्वती को समर्पित बसंत पचंमी पर्व से ब्रज में होलिकोत्सव की शुरुआत हो जाती है। इस महापर्व पर होलिका दहन के स्थलों पर डांढ़ा लगाया जाता है और अगले 40 दिन तक विभिन्न रूपों में इसकी धूम होती है। सुबह श्रृंगार आरती के बाद ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में अबीर-गुलाल से होली खेली गई।  मंदिर परिसर ठाकुरजी के जयकारों से गुंजायमान हो गया।



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क्या होता है डांढ़ा

डांढ़ा लकड़ी का टुकड़ा होता है, जिसके आस पास होलिका सजाई जाती है और होलिका दहन तक लकड़ी डाली जाती है। इस दिन राधा रानी के गांव बरसाना में बैलगाड़ियों की शोभायात्रा भी निकाली जाती है। बसंत पंचमी के दिन यहां के प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों पर भी गुलाल के छींटे डाले जाते हैं और संगीत का कार्यक्रम किया जाता है।

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ब्रज में ऐसे होंगे होली के कार्यक्रम

  • 21 फरवरी- शिवरात्रि को होली की प्रथम चौपाई लाड़लीजी महल से रंगीली गली तक निकाली जाएगी।
  • 27 फरवरी- रमणरेती आश्रम में टेसू के फूलों की होली होगी।
  • 3 मार्च- बरसाना राधा रानी मंदिर में लड्डू मार होली होगी।
  • 4 मार्च- बरसाना राधा रानी मंदिर में लट्ठमार होली होगी।
  • 5 मार्च- नंदगांव नंदबाबा मंदिर में लट्ठमार होली होगी। इसके साथ ही रावल गांव के राधा रानी मंदिर में लट्ठमार होली होगी।
  • 6 मार्च- श्रीकृष्ण जन्मस्थान, बांके बिहारी मंदिर में होली होगी।
  • 7 मार्च- गोकुल में छड़ी मार होली होगी।
  • 9 मार्च- कोसीकला के फॉलन गांव में होलिका से पंडा निकलता है।
  • 9 मार्च- द्वारकाधीश मंदिर से निकलेगा ढोला।
  • 10 मार्च- द्वारकाधीश मंदिर में गुलाब के फूलों की होली होगी।
  • 10 मार्च- पूरे शहर में रंगों से खेली जाएगी होली।
  • 11 मार्च- बलदेव दाऊजी मंदिर में हुरंगा होली होगी।

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