क्या आपके बच्चों को भी है इंटरनेट की लत? जानें कैसे करें पहचान और इससे बचने के टिप्स

mobile addiction

चैतन्य भारत न्यूज

इंटरनेट ने व्यक्ति के ज्यादातर कामों को आसान कर दिया है। इन दिनों हर दूसरा व्यक्ति स्मार्टफोन में इंटरनेट का इस्तेमाल करता है। इंटरनेट के बिना जैसे स्मार्टफोन अधूरा-सा लगने लगता है। कुछ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और कुछ को इसकी लत होती है। इन दोनों चीजों में फर्क है। देखा जाए तो आजकल ज्यादातर बच्चों में छोटी उम्र से ही इंटरनेट की लत लग रही है। उनका खाना-पीना, खेलना, पढ़ाई सब इंटरनेट के माध्यम से होने लगा है। इसी मुद्दे पर चिंता जाहिर करते हुए दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) ने एक कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला खासतौर से स्कूली शिक्षकों के लिए आयोजित की गई थी। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने जो बातें बताई, वो अभिभावकों के लिए भी काफी मददगार साबित होंगी। कार्यशाला में बताया गया कि आपके बच्चे को इंटरनेट की लत है या नहीं? यह लत क्यों लगती है? इस लत के कारण क्या-क्या दिक्कतें होती हैं?


कैसे समझें बच्चे में इंटरनेट की लत है क्या नहीं? यह सबसे बड़ा सवाल है। इसके जवाब में कार्यशाला में बताया गया कि, जिन बच्चों में इंटरनेट की लत होती है, उनमें कुछ अलग प्रकार के लक्षण पाए जाते हैं। इन्हीं लक्षणों के जरिए आप समझ सकते हैं कि आपका बच्चा इंटरनेट लती है या नहीं। आइए जानते हैं वो कौन-कौनसे लक्षण हैं-

  • डिप्रेशन
  • इमानदारी की कमी
  • अपराधबोध महसूस होना
  • बेचैनी (anxiety)
  • इंटरनेट इस्तेमाल करते समय आनंद की अनुभूति होना
  • मूड बदलते रहना
  • रूटीन के काम से जल्दी बोर होना
  • किसी काम में टाल-मटोल करना
  • पीठ या कंधे का दर्द
  • सिर दर्द
  • नींद न आना
  • आंखें सूखना

क्यों होती है इंटरनेट की लत

वीडियो गेम्स और इंटरनेट की लत बच्चों में आम बात हो गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए या फिर मोबाइल पर गेम्स खेलते हुए बच्चों के दिमाग में डोपामाइन हार्मोन (मोटीवेशन हॉर्मोन) का स्तर बढ़ जाता है। इससे उनके अंदर संतुष्टी की भावना का एहसास होता है। इस वजह से उस चीज की लत की स्थिति बन जाती है। डीसीपीसीआर की सदस्य रंजना प्रसाद ने बताया कि, ‘बच्चों में गेमिंग और इंटरनेट की लत की बढ़ती दर को लेकर आयोग चिंतित है। ये दोनों चीजें बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रही हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि, ‘डीसीपीसीआर शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों व बच्चों के लिए ऐसी और भी कार्यशालाएं कराएगा।’

कैसे पाएं इंटरनेट की लत से छुटकारा

  • बच्चों को मोबाइल एक सीमित समय के लिए ही दें। उस दौरान उन्हें इंटरनेट का उपयोग न करने दें।
  • जो सोशल मीडिया ऐप ज्यादा जरुरी न हो उन्हें अपने फोन से हटा दें।
  • आप भी बच्चों के सामने फोन का ज्यादा इस्तेमाल न करें।
  • मोबाइल से दूर रहकर आप बच्चों से बातचीत करें, उनके साथ समय बिताएं।
  • हो सके तो बच्चों को घर में कम्प्यूटर या लैपटॉप उपलब्ध करवाएं, जिससे उन्हें किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने में दिक्कत न हो।
  • बच्चों को जितना हो सके व्यस्त रखे।
  • उन्हें बाहरी खेलों के महत्व समझाएं और बताएं कि बाहरी खेल फिटनेस और बॉडी डेवलपमेंट के लिए कितना जरुरी हैं।
  • आप बच्चों को कहानी या अन्य किताबें लाकर दीजिए, जिससे कि वो मोबाइल से ध्यान हटाकर किताबें पढ़ने में ज्यादा ध्यान लगा सके।

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