पूंजी बाजार से कैसे बनाएं पैसा?

टीम चैतन्य भारत

शेयर बाजार का मौजूदा परिदृश्य

आगे चलकर घरेलू शेयर बाजार का परिदृश्य कैसा रहेगा, इस विश्लेषण की शुरुआत वैश्विक बाजार के मौजूदा हालात से करते हैं। दुनियाभर के शेयर बाजारों में इन दिनों बार-बार तेजी और गिरावट का दौर चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी हर खबर और घटना से घरेलू शेयर बाजार की चाल प्रभावित हो रही है।

दरअसल, भारी तादाद में भारतीय कंपनियां अपने-अपने प्रोडक्ट्स और सेवाएं वैश्विक बाजारों को निर्यात कर रही हैं। इस लिहाज से दुनिया के हर घटनाक्रम का असर भारतीय शेयरों पर नजर आ रहा है। अच्छी बात यह रही है कि 2018 के आखिर में अच्छे-खासे करेक्शन (अत्यधिक तेजी के बाद स्वाभाविक गिरावट) के बाद 2019 में वैश्विक बाजार जोरदार तरीके से रिकवर हुआ है। हालांकि पिछले साल भारत पूरी दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल था, लेकिन इस साल जनवरी और फरवरी में अब तक भारतीय बाजार का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से थोड़ा कमजोर रहा है।

शेयर खरीदकर मुनाफा कमाना

इस साल आम चुनाव से पहले भारतीय शेयर बाजार में धीरे-धीरे जोखिम बढ़ रहा है।मसलन, फरवरी के मध्य में भारतीय शेयरों में लगातार गिरावट देखी गई। दूसरी तरफ इस महीने कई दिन शेयरों की कीमतों में अच्छी-खासी तेजी भी दर्ज की गई। लेकिन, जब बात शेयरों से पैसा बनाने हो तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बाजार में तेजी है या गिरावट, क्योंकि इस बाजार के खिलाड़ी मोटा मुनाफा कमा रहे हैं चाहे रुझान गिरावट का हो या फिर तेजी का।

हर निवेशक शेयर ट्रेडिंग के जरिए मुनाफा कमाना चाहता है। इस मामले में उनका अनुभव बहुत मायने नहीं रखता। दरअसल, अधिक से अधिक मुनाफा कमाने के लिए अच्छी रणनीति पर चलने की जरूरत होती है, ताकि मूल पूंजी सुरक्षित रखते हुए आकर्षक रिटर्न हासिल किए जा सकें। शेयर बाजार में ट्रेडिंग या निवेश सरल तो हैं, लेकिन यह काम बहुत आसान भी नहीं है। इसमें जुनून, सहनशीलता और अनुशासन की जरूरत होती है। इसके अलावा ट्रेडर या निवेशक में इस बाजार की अच्छी समझ भी होनी चाहिए।

कैसे कमाएं मुनाफा?

हर कोई जानता है कि बाजार में तेजी और गिरावट सामान्य बात है। लेकिन, बाजार की हर स्थिति में मुनाफा कमाने की कला महत्वपूर्ण होती है। इसका एक आसान तरीका यह है कि यदि आज बाजार गिरावट झेल रहा हो तो घबराकर अपने शेयर बेचने की गलती न करें। अगले एक-दो दिन तक अपनी होल्डिंग बनाए रखें और बाजार पर नजर रखें। जब तेजी शुरू हो जाए तो आप अपने शेयर बेचकर मुनाफा काट सकते हैं। इस मामले में यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि सही समय पर शेयर बेच लें क्योंकि सही मौके पर बिकवाली न करने की स्थिति में नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुल मिलाकर शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले व्यक्ति को अनिवार्य रूप से यह पता होना चाहिए कि शेयर बेचना कब है।

इन सबके अलावा जेहन में ट्रेडिंग को लेकर किसी तरह का डर नहीं होना चाहिए, बल्कि एक निश्चित स्तर तक जोखिम उठाने में सक्षम होना चाहिए। एक बात और, निवेशक को लालच भी नहीं करना चाहिए। कारण यह है कि लालच में पड़कर यदि कोई निवेशक या ट्रेडर अपने पास पड़े शेयर को उस वैल्यू से ज्यादा कीमत पर बेचना चाहे, जो उस खास शेयर के लिए मुनासिब न हो तो ऐसे में उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कैसे करें निवेश?

हमेशा सही शेयरों में धैर्य के साथ व्यवस्थित तरीके से निवेश करने में बुद्धिमानी होती है। चूंकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा आते रहते हैं, लिहाजा निवेशक को एक तय सीमा तक जोखिम उठाने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।

इसके अलावा जरूरत पड़ने पर शेयर हेजिंग जैसे त्वरित फैसले करना भी आना चाहिए। शेयर बाजार नियमित अंतराल पर प्रवेश करने और निकलने के मौके देता है। इस लिहाज से बेहतर यही होता है कि पूरा पैसा बाजार में न लगाकर कुछ नकद रकम पास रखी जाए। करेक्शन के समय शेयर बाजार में प्रवेश करने का सही मौका होता है, क्योंकि तब कम कीमतों पर अच्छे शेयर उपलब्ध होते हैं। ऐसे मौकों पर खदीदारी करने का फायदा यह होता है कि बाजार का रुझान पलटने पर जोरदार कमाई होती है। एक चीज और, शेयरों में पैसे लगाकर इत्मीनान से बैठा नहीं जाता, बल्कि शेयरों से जुड़ी खबरों, कंपनी से संबंधित गतिविधियां और घटनाक्रम पर पैनी निगाह रखने की जरूरत होती है। कारण यह है कि शेयर की कीमत पर इन चीजों का असर हो सकता है।

इस साल किन सेक्टरों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा?

साल 2019 के शुरुआती महीने महत्वपूर्ण खबरों और घटनाओं से अटे रहे। कोई एक सकारात्मक खबर भी किसी सेक्टर में तेजी जा सकती है और इसके विपरीत स्थिति भी संभव है। साल के बाकी महीनों की बात करें तो देश की विकास दर और मजबूत आर्थिक नीतियां घरेलू शेयर बाजार में बहार लाने जा रही हैं। मोटे तौर पर फार्मा, इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी और तेल-गैस सेक्टर से निवेशकों को अच्छे रिटर्न की उम्मीद है। चूंकि अब लोकसभा चुनाव होने जा रहा है, लिहाजा इसके बाद बनने वाली सरकार की नीतियां बाजार पर असर डालेंगी। ऐसे में निवेशकों को बुनियादी ढांचा और रेलवे से जुड़ी सरकार की अनुकूल योजनाओं पर नजर रखने की जरूरत होगी। आगे चलकर आईटी और तेल-गैस सेक्टर में कंसॉलिडेशन की उम्मीद है। ऐसे में संभव है कि इन सेक्टरों में गिरावट आने पर खरीदारी का अच्छा मौका मिले।

 

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