सरकार ने प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की ऑनलाइन क्लॉसेस के लिए तय की समय सीमा

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. लॉकडाउन के चलते मोबाइल और लैपटॉप पर हो रही ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों का स्क्रीन टाइम बहुत ज्यादा बढ़ गया है जिससे परेशान अभिभावकों की चिंता का सरकार ने निदान कर दिया है। मंगलवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ‘प्रज्ञता’ गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के तहत बच्चों की उम्र और जरूरत के मुताबिक इनकी ऑनलाइन क्लासेज की अवधि तय की गई है। स्कूलों को इन निर्देशों के आधार पर ही ऑनलाइन पढ़ाई करानी होगी।

प्री-प्राइमरी के बच्चों की क्लास सिर्फ आधे घंटे 

‘प्रज्ञता’ गाइडलाइन के मुताबिक, नर्सरी और केजी के बच्चों को रोज अधिकतम 30 मिनट ही ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। पहली से 8वीं तक के बच्चों के 30 से 45 मिनट के दिन में दो सत्र हो सकेंगे। जबकि क्लास 9 से 12वीं तक के लिए ये सत्र अधिकतम चार बार हो सकते हैं। सीबीएसई बोर्ड, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय से लेकर सभी राज्यों को अपने-अपने राज्य शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में इसी गाइडलाइन को लागू करना होगा। इस गाइडलाइन के जरिए सरकार बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रखना चाहती है। मंत्रालय ने योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, वार्ता, कार्य, निगरानी और सराहना जैसे 8 बिंदुओं पर ये गाइडलाइन तैयार की है।

किस क्लास की कितने घंटे होगी पढ़ाई

  • KG-NURSERY के लिए – सिर्फ 30 मिनट की क्लास
  • 1 से 8वीं तक के लिए – 30 से 45 मिनट के दो सत्र
  • 9वीं से 12वीं के लिए – 30 से 45 मिनट के चार सत्र

बच्चों की सेहत का रखा ध्यान : निशंक

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि, ‘छात्रों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन से लेकर अभिभावकों की दिक्कतों को ध्यान में रखकर गाइडलाइन बनाई गई है। इससे ऑनलाइन पढ़ाई सुरक्षित और सुचारू रहेगी। बच्चों के मूल्यांकन की जरूरत, पढाई अवधि, ऑनलाइन संतुलन, ऑफलाइन गतिविधि आदि को लेकर चिंताओं का समाधान किया गया है। शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े हर आयाम को ध्यान में रखा गया है। साइबर सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है।’

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