आज इतने बजे धरती के पास से गुजरेगा माउंट एवरेस्ट से कई गुना बड़ा एस्टेरॉयड, स्पीड है 8.72 किमी प्रति सेंकड, चिंता में वैज्ञानिक

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चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना वायरस ने इस समय पूरे विश्व में आतंक मचा रखा है। इस महामारी के बीच अब से कुछ ही घंटों बाद धरती के बगल से एक आफत गुजरेगी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने करीब डेढ़ महीने पहले खुलासा किया था कि धरती की तरफ एक बहुत बड़ा एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह, छोटा तारा) तेजी से आ रहा है। इसका आकर धरती के सबसे ऊंचे पहाड़ माउंट एवरेस्ट से भी कई गुना ज्यादा बड़ा है। यह 29 अप्रैल को धरती के पास से गुजरेगा।

रॉकेट से तीन गुना ज्यादा है स्पीड

बता दें ये एस्टेरॉयड पृथ्वी से करीब 6.4 मिलियन मील यानी दूर से गुजरेगा। अंतरिक्ष विज्ञान में यह दूरी बहुत ज्यादा नहीं मानी जाती है लेकिन बहुत कम भी नहीं मानी जाती है। इस एस्टेरॉयड की स्पीड किसी रॉकेट से तीन गुना ज्यादा है। इस गति से अगर यह धरती या किसी भी ग्रह से टकराया तो बड़ी बर्बादी ला सकता है।

दुनियाभर के वैज्ञानिक परेशान

नासा के मुताबिक, इस एस्टेरॉयड की गति 31,319 किलोमीटर प्रतिघंटा है यानी करीब 8.72 किलोमीटर प्रति सेंकड है। अब तक तो वैज्ञानिकों ने इससे कोई डर की बात नहीं बताई है लेकिन असल में इसे लेकर दुनिया भर के वैज्ञानिक भी परेशान हैं। अगर दिशा में जरा सा भी परिवर्तन हुआ तो खतरा भयानक होगा।

1998 में पहली बार देखा था

वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड को 52768 (1998 OR 2) नाम दिया गया है। नासा ने इस एस्टेरॉयड को सबसे पहले साल 1998 में देखा था। इसका व्यास (Diameter) करीब 4 किलोमीटर का है।

इस समय धरती के पास से गुजरेगा

जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह एस्टेरॉयड धरती के पास से गुजरेगा, उस समय भारत में दोपहर के 3:26 मिनट हो रहे होंगे। हालांकि, सूरज की रोशनी के कारण आप इसे खुली आंखों से नहीं देख सकेंगे।

खगोलविदों ने क्या कहा?

खगोलविदों ने बताया कि, ‘ऐसे एस्टेरॉयड की हर 100 साल में धरती से टकराने की 50,000 बार संभावनाएं होती हैं। लेकिन, किसी न किसी तरीके से ये पृथ्वी के किनारे से निकल जाते हैं।’ खगोलविदों के अंतरराष्ट्रीय समूह के डॉ. ब्रूस बेट्स ने ऐसे एस्टेरॉयड को लेकर कहा कि छोटे एस्टेरॉयड कुछ मीटर के होते हैं। ये अक्सर वायुमंडल में आते ही जल जाते हैं। इससे कोई बड़ा नुकसान नहीं होता है।

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