अलगाव से पहले अपने रिश्तों को कुछ इस तरह बचाएं…

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चैतन्य भारत न्यूज 

शादी के बाद जीवन में एक नए सफर की शुरुआत होती है। शादी के शुरूआती सफर में तो सब कुछ खूबसूरत नजर आता है लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद कई बार पति-पत्नी के बीच छोटी -मोटी बातों पर बहस होना शुरू हो जाती है, जिससे रिश्तों में पहली जैसी गर्माहट नहीं रहती है। यदि आपके रिश्तों में भी कहीं कोई इस तरह की उलझन है जिनकी वजह से आपका रिश्ता कमजोर हो रहा है तो कोशिश कीजिए आप दोनों के बीच के अलगाव जल्द ही खत्म हो जाएं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे सुझाव जिनकी मदद से आप अपने टूटते हुए रिश्तों को आसानी से बचा सकते हैं।

दूरियों की शुरुआत

हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते हैं लेकिन हर बार एक ही साथी उस रिश्ते को संभालता रहे तो रिश्ता जल्द ही खत्म हो जाता है। यदि आपको लगता है कि आपका पार्टनर पहले से चुपचाप रहने लगा है या फिर आपसे कम बात करने लगा है तो ऐसे में आप उन्हें नजरअंदाज न करें, बल्कि उनसे उनकी खामोशी का कारण पूछे। ऐसी स्थिति में समय निकालकर उनसे बातचीत करें और उनके बदले हुए व्यवहार का कारण पूछे। यकीन मानिए आपकी प्यारभरी परवाह रिश्ते में आई उदासीनता जल्द ही दूर कर देगी।

सीमाओं का अतिक्रमण

हर रिश्ते में कुछ सीमाएं होती हैं लेकिन सामने वाला बार-बार सीमाओं की अनदेखी करें या फिर उन्हें लांघने की कोशिश करे तो रिश्तों में दरार आना स्वाभाविक है। इसलिए बेहतर होगा कि, रिश्ते की शुरुआत में ही कुछ बातें तय कर ली जाएं। जैसे कि आपको क्या पसंद है और क्या नहीं। किन बातों से समस्या होती है और किन चीजों को नहीं करना है। इस सबके बारे में पहले ही अपने साथी को बताना बेहतर होता है। इस तरह की बातें करते समय भी लहजा सामन्य रखें। अगर आपको मजाक में की गई किसी बात का बुरा लगे तो आप इसे भी शांत रहकर बता सकते हैं।

नियंत्रित करने की चाह

किसी भी रिश्ते में जरुरत से ज्यादा नियंत्रण ठीक नहीं है। अगर आपको हर छोटी-छोटी बातों के लिए अपने जीवनसाथी से सलाह लेनी पड़ती है तो ऐसे रिश्ते की उम्र बहुत कम होती है। इसलिए जरुरी है रिश्ते बचाने के लिए स्वभाव में थोड़ा बदलाव लाएं। नियंत्रण का बुनियादी कारण जलन और असुरक्षा की भावना है। अगर आपका साथी इस तरह की परेशानियां झेल रहा है तो उसे भी भरोसा दिलाएं। उनके साथ थोड़ा वक्त बिताइए। उनसे इस तरह के स्वभाव का कारण पूछिए। अगर ऐसा करने पर भी समस्या का हल नहीं हो रहा है तो उनसे साफ-साफ बात करना बेहतर होगा। भरोसा ही रिश्ते की नींव होती है इसलिए अपने जीवनसाथी पर भरोसा करें और अपने रिश्ते को मजबूत बनाएं।

आलोचनात्मक रवैया 

कभी ऐसा होता है कि पार्टनर बाहरी लोगों के सामने एक-दूसरे की आलोचना करने के साथ कई सवाल भी खड़े करते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि जब सबके सामने आपकी आलोचना की जाए तो जवाब देने से सही है कि आप इसे नजरअंदाज करें। इस दौरान जवाब न देना ही सबसे बेहतर ऑप्शन है। इस विषय पर आप अपने पार्टनर से अकेले में बात करेंगे तो बेहतर होगा। इसके बावजूद अगर उन्होंने यह आदत जारी रखी तो ठोस कदम उठाना जरुरी है। क्योंकि दूसरे के सामने बार-बार नीचा दिखाने की आदत घातक होती है।

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