हैदराबाद एनकाउंटर पर उठ रहे सवाल, जांच के लिए राज्य सरकार ने किया SIT का गठन

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चैतन्य भारत न्यूज

हैदराबाद. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में महिला डॉक्टर से हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपितों के एनकाउंटर की जांच के लिए तेलंगाना की राज्य सरकार की ओर से विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम की कमान रचकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश एम भागवत को सौंपी गई है।


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क्राइम सीन रीक्रिएट करते समय हुआ एनकाउंटर

बता दें शुक्रवार सुबह दिशा सामूहिक हत्याकांड के चारों आरोपितों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। दरअसल, हैदराबाद के एनएच 44 पर जांच के दौरान क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए पुलिस चारों आरोपितों को अपराध स्थल पर ले गई थी। इस दौरान आरोपितों ने वहां पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिए और पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी और वहां से भागने की भी कोशिश की। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए भी कहा लेकिन वे गोलियां चलाते रहे। फिर पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए गोलाबारी की और इस दौरान चारो मारे गए। अपराधियों के साथ हुई इस मुठभेड़ में पुलिस के दो जवान घायल हो गए।

एनकाउंटर को बताया फर्जी

इस हैदराबाद पुलिस के इस एनकाउंटर की ज्यादातर लोगों ने तारीफ की लेकिन कुछ लोगों ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए थे। एक ओर जहां पूर्व क्रिकेटर और भाजपा सांसद गौतम गंभीर, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष और बाबा रामदेव समेत कई बॉलीवुड हस्तियों ने इसका समर्थन किया तो दूसरी ओर कांग्रेस सांसद शशि थरूर, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे समाज के लिए अस्वीकार्य बताया। इतना ही नहीं बल्कि साइबराबाद पुलिस के खिलाफ एक शिकायत भी दर्ज कराई गई जिसमें कहा गया कि, हैदराबाद एनकाउंटर फर्जी था।

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आरोपितों के शव को 9 दिसंबर तक सुरक्षित रखने का आदेश

एसआईटी की टीम के सदस्य इस केस से जुड़े गवाहों की पहचान करेंगे और उनका बयान लेंगे। साथ ही एसआईटी इस एनकाउंटर की कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम से भी पूछताछ करेगी। इस मामले को लेकर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी सक्रिय हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट ने चारों आरोपितों के शवों को 9 दिसंबर की रात 8 बजे तक सुरक्षित रखने का आदेश दिया था। बता दें एनएचआरसी की टीम ने महबूबनगर के सरकारी अस्पताल का भी दौरा किया, जहां चारों आरोपियों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद रखे गए हैं।

ये है पूरा मामला?

27 नवंबर को हैदराबाद की एक महिला पशु डॉक्टर से चार दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म कर उसे मारने के उद्देश्य से पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया और फिर लाश को नाले के पास फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपी मोहम्मद आरिफ, नवीन, शिवा और चेन्नाकेशावुलू शादनगर को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने चारों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। जिसके बाद शुक्रवार को सुबह 5:45 बजे हैदराबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर चटनपल्ली में पुलिस से मुठभेड़ के दौरान चारों आरोपित मारे गए।

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