विश्व कप के बीच आईसीसी ने भारी वजन वाली एलईडी गिल्लियों को बदलने से किया इंकार

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चैतन्य भारत न्यूज

आईसीसी विश्व कप 2019 में जिंग गिल्लियां विवादों में हैं। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने विवादास्पद ‘जिंग’ गिल्लियों को बदलने से मना कर दिया है। दरअसल, कुछ अवसरों पर गेंद के स्टंप पर लगने के बावजूद गिल्लियां गिरी नहीं थी। इसके बाद खिलाड़ियों इसे बदलने की शिकायत की गई थी।

रविवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया का मैच होने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरोन फिंच ने आईसीसी से एलईडी गिल्लियों को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि गेंद लगने से स्टंप से रोशनी निकलती है जिससे टीवी अंपायर का काम तो आसान हो जाता है लेकिन कई बार गिल्लियां नीचे नहीं गिरती हैं। इस शिकायत का आईसीसी ने जवाब देते हुए कहा कि, ‘टूर्नामेंट के बीच में हम कुछ भी नहीं बदलेंगे क्योंकि यह टूर्नामेंट से समझौता होगा। सभी दस टीमों के लिए सभी 48 मैचों में उपकरण एक समान हैं।’

जब से विश्व कप 2019 की शुरुआत हुई है तब से ही विकेटों की गिल्लियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस बार ऐसा नियम बना है कि जब तक स्टंप पर से गिल्लियां नीचे नहीं गिरती तब तक बल्लेबाज को आउट नहीं माना जा सकता। विश्व कप 2019 में दस बार ऐसे मौके आए हैं जब गेंद विकेटों पर छुई या लगी लेकिन गिल्लियां नहीं गिरीं। इसका कारण है गिल्लियों का अधिक वजनी होना। इस विश्वकप में आईसीसी ने जो गिल्लियां इस्तेमाल की हैं वह जिंग गिल्लियां हैं। इसके भीतर फ्लैशिंग लाइट्स हैं। इस वजह से इनका वजन ज्यादा है।

आईसीसी ने कहा कि, ‘पिछले चार वर्षों में स्टंप नहीं बदल गए हैं। इनका उपयोग विश्व कप 2015 से सभी आईसीसी प्रतियोगिताओं और कई घरेलू टूर्नामेंट में हो रहा है। इसका मतलब है कि इनका उपयोग 1000 से अधिक मैचों में किया गया है।’

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