ICMR ने कोरोना के हॉटस्पॉट्स में बदली रणनीति, अब जल्द नतीजों के लिए होगा रैपिड एंटीबॉडी ब्लड टेस्ट

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अब एक नया टेस्टिंग प्रोटोकॉल जारी किया है। उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया है कि कोरोना संक्रमण के हॉटस्पॉट के तौर पर उभरे इलाकों में जांच के लिए रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किया जाएगा। इसके जरिए इंफ्लूएंजा संक्रमण का पता चलता है। साथ ही एंटीबॉडी आधारित ब्लड टेस्ट के जरिए किसी भी क्षेत्र में खतरे का अनुमान लगना आसान होगा।

जानकारी के मुताबिक, आइसीएमआर द्वारा जिलों में कोरोना टेस्टिंग लैब स्थापित करने को लेकर एक एडवाइजरी जारी की गई है। आइसीएमआर ने यह रणनीति उन इलाकों के लिए बनाई है जहां बड़ी संख्या में कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं या फिर ऐसे स्थान जहां ज्यादा संख्या में बाहरी लोगों का जमावड़ा हुआ था। साथ ही निजामुद्दीन मरकज जैसी वे जगहें जहां से आए लोगों में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण के मामले मिल रहे हैं।

आइसीएमआर का कहना है कि, सभी अस्पतालों में इंफ्लूएंजा संक्रमण के मामलों पर नजर रखी जाएगी। यदि ऐसे मामलों में अचानक इजाफा देखने को मिल रहा है तो इसकी जानकारी तुरंत सर्विलांस ऑफिसर या चीफ मेडिकल ऑफिसर को दी जाएगी जिससे कि आगे की जांच हो सके। बता दें रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट में जांच की रिपोर्ट अन्य ब्लड टेस्ट की तरह ही 15 से 20 मिनट में मिल जाती है। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो व्यक्ति को संभावित संक्रमित मानते हुए तुरंत ही उसे इलाज मिलेगा और क्वारंटाइन किया जाएगा। और यदि रिपोर्ट निगेटिव आई तो उसके लक्षण के हिसाब से कोरोना की पुष्टि के लिए आरटी-पीसीआर जांच होगी। अगर मरीज को कोरोना जांच की जरूरत नहीं लगी तो फिर 10 दिन बाद उसका एंटीबॉडी टेस्ट होगा।

आइसीएमआर ने टेस्टिंग लैब स्थापित करने को लेकर जो एडवाइजरी जारी की है उसके मुताबिक, ‘जिन भी जिलों में कोरोना संदिग्धों की संख्या रोजाना 100 से ज्यादा होगी और वहां सबसे नजदीकी लैब कम से कम 250 किमी दूर होगी, ऐसे इलाकों में नई लैब स्थापित करने पर विचार किया जाएगा। पहाड़ी इलाकों के लिए यह दूरी 150 किमी तय की गई है। इसके अलावा अगर निर्धारित दूरी पर स्थित लैब में प्रतिदिन 100 सैंपल की जांच हो रही है तो भी दूसरी लैब बनाए जाने पर विचार किया जा सकता है। आइसीएमआर की ओर से लैब की स्थापना के लिए और किसी भी लैब में जांच की अनुमति देने के लिए भी कुछ मानक तय किए गए हैं।

तंबाकू उत्पादों  से दूर रहने की सलाह

आइसीएमआर ने लोगों से गुटखा, तंबाकू और पान मसाला जैसे उत्पादों से दूर रहने की भी सलाह दी है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने की भी गुजारिश की है। दरअसल थूकने से भी कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

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