युवा पीढ़ी गांधी जी से जुड़ी हर बात जान सके, इसलिए तैयार किया जा रहा ‘गांधीपीडिया’

gandhi ji

चैतन्य भारत न्यूज

कोलकाता. महात्मा गांधी के विचार और उनके द्वारा दी गई सीख ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे, इसलिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) मिलकर ‘गांधीपीडिया’ नाम से एक ऑनलाइन पोर्टल बना रहे हैं। इसके जरिए महात्मा गांधी की किताबों, पत्रों और भाषणों को आप डिजिटल फॉर्म में पढ़ सकेंगे।


पहले चरण में 40 किताबों का डिजिटलीकरण

संस्थान ने यह फैसला महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिवस के संदर्भ में लिया है। शुक्रवार को आईआईटी खड़गपुर ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि, ‘ये पूरा प्रोजेक्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पूरा किया जाएगा।’ गांधीपीडिया में महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई चिट्ठियों, किताबों का ऑनलाइन संग्रह रहेगा। पहले चरण में गांधी जी की लिखी गई 40 किताबों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। साथ ही उनकी किताबों के कई हिस्सों को ट्वीट भी किया जाएगा। इन किताबों के जरिए समाज के उन सभी लोगों को भी जोड़ने में मदद मिलेगी, जिन्होंने महात्मा गांधी को प्रभावित किया या उनसे प्रेरित हुए।

पहले चरण का काम मार्च, 2020 तक पूरा होगा

सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का पहला चरण अगले साल मार्च में पूरा हो जाएगा। जबकि अन्य चार चरणों को 2024 के मार्च तक पूरा किए जाने की उम्मीद है। इन किताबों के जरिए गांधीजी की सामाजिक जिंदगी को नए सिरे से दुनिया के सामने लाया जाएगा।

महात्मा गांधी के पत्रों और भाषणों को पोर्टल पर करेंगे अपलोड

एनसीएसएम और आईआईटी खड़गपुर के साथ ही इस प्रोजेक्ट में आईआईटी गांधीनगर भी शामिल होगा। बता दें एनसीएसएम संस्कृति मंत्रालय के तहत आने वाला एक स्वायत्त संस्थान है। आईआईटी खड़गपुर के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक अनिमेष मुखर्जी ने कहा कि, महात्मा गांधी की किताब ‘सच के साथ मेरे प्रयोग’ को उनके सामाजिक नेटवर्क को पुन: जोड़ने के लिए सबसे पहले इस्तेमाल किया जाएगा। उनके 100 कामों को उनके पत्रों और भाषणों सहित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

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