IMA ने की बाबा रामदेव की PM से शिकायत, की देशद्रोह का केस दर्ज करने की मांग

चैतन्य भारत न्यूज

बाबा रामदेव की ओर से एलोपैथी को लेकर 25 सवाल जारी किए जाने के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) उत्तराखंड ने उन्हें एक हजार करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है। आईएमए से 15 दिन के अंदर लिखित माफी मांगने को कहा गया है। लेकिन बाबा रामदेव का एक और वीडियो सामने आया जिसमे वह कह रहे है कि, उन्हें गिरफ्तार तो किसी का बाप भी नहीं कर सकता। ऐसे में अब IMA की तरफ से मांग की गई है कि योग गुरू बाबा रामदेव के खिलाफ देशद्रोह का मामल दर्ज किया जाए।

IMA ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रामदेव की शिकायत की है। पत्र में लिखा है कि, पतंजलि के मालिक रामदेव के वैक्सीनेशन पर गलत सूचना के प्रचार को रोका जाना चाहिए। IMA के मुताबिक, एक वीडियो में रामदेव ने दावा किया कि वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी 10,000 डॉक्टर और लाखों लोग मारे गए हैं। उन पर देशद्रोह के आरोपों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

IMA ने पत्र में कहा कि कोरोना महामारी के बीच मेडिकल एसोसिएशन की अगुआई में अब देश में 18 से ज्यादा उम्र वालों को वैक्सीन लगना शुरू हो गई है। अब आपने (पीएम) देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू किया था, तब IMA के बड़े अधिकारी सबसे आगे खड़े हुए थे। नियम और प्रोटोकॉल्स के तहत अब तक करीब 20 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जो वर्ल्ड में सबसे तेज वैक्सीनेशन है।

वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद से करीब 0.06% लोग ही कोरोना से मामूली संक्रमित हुए हैं। साथ ही बहुत मामली लोगों को लंग्स इंफेक्शन हुआ है। हम हेल्थ मिनिस्ट्री और ICMR या नेशनल टास्क फोर्स की गाइडलाइंस और प्रोटोकॉल्स के तहत ही लाखों लोगों का इलाज कर रहे हैं। ऐसे में कोई ऐलोपैथिक दवाओं से लोगों के मरने का दावा करते है तो यह मिनिस्ट्री को सीधे चुनौती होगी, क्योंकि उन्हीं की गाइडलाइंस के तहत हम इलाज कर रहे हैं।

ये है बाबा रामदेव का बयान

IMA और बाबा रामदेव के बीच ये तल्खी लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ दिन पहले तक ऐलोपैथी का मजाक बनाने वाले योग गुरू रामदेव की तरफ से अभ्यास सत्र के दौरान कोरोना वैक्सीन को लेकर भी विवादित बयान दे दिया गया। वायरल वीडियो में उनकी तरफ से कहा गया था- तीसरा बोला मुझे डॉक्टर बनना है…टर…टर…टर…टर…टर…टर बनना है। डॉक्टर…एक हजार डॉक्टर तो अभी कोरोना की डबल वैक्सीन लगाने के बाद मर गए…कितने …एक हजार डॉक्टर….कल का समाचार है…अपने आप को नहीं बचा पाए वो कैसी डॉक्टरी।

दूसरा बयान

इससे पहले बाबा रामदेव ने व्हाट्सएप पर एक मैसेज को सुनाते हुए एलोपैथी को स्टुपिड और दिवालिया साइंस बताया था। उन्होंने बाद में अपने उस बयान को वापस जरूर लिया, लेकिन विवाद खड़ा हो चुका था। उनके बयान पर IMA ने कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई थी और देश के स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की तरफ से भी रामदेव से उनका बयान वापस लेने की मांग हुई थी। अब बयान तो वापस हुआ लेकिन बाबा रामदेव का विवादों में फंसे रहने का सिलसिला जारी रहा।

IMA ने बाबा रामदेव को भेजा 1,000 करोड़ की मानहानि का नोटिस, रामदेव बोले- गिरफ्तार तो किसी का बाप भी नहीं करा सकता 

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