9 दिन के भीतर फाइल करें ITR, वरना देना पड़ेगा 10 हजार रुपए जुर्माना!

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना महामारी के चलते केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तारीख 3 बार आगे बढ़ाई है। अब तय की गई आखिरी तारीख में सिर्फ 9 दिन बचे हैं। ऐसे में करदाता जल्द से जल्द अपना आईटीआर फाइल कर दें ताकि कोई गलती होने पर सुधार किया जा सके। समय पर रिटर्न फाइल नहीं होने पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसमें जुर्माने का प्रावधान है। नोटिस आ सकता है। कार्रवाई हो सकती है।

यदि करदाता रिटर्न दाखिल करने में देरी करते हैं तो कई तरह के फायदे नहीं मिल पाएंगे। देरी से आईटीआर फाइल करने पर एक तरफ इनकम टैक्स में छूट का कम लाभ मिलता है तो दूसरी तरफ करदाता पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सबसे पहले देरी से रिटर्न फाइल करने पर करदाता हाउस प्रॉपर्टी को हुए नुकसान के अलावा किसी भी तरह की क्षति को कैरी फार्वर्ड नहीं कर सकते हैं। वहीं, आयकर कानून की धारा-234A के तहत करदाता को 1 फीसदी की साधारण दर से हर महीने ब्याज भी चुकाना होगा।

केंद्र सरकार ने देरी से आईटीआर फाइल करने पर बिलंब शुल्क वसूलने की व्यवस्था भी कर दी है। वित्त वर्ष 2018-19 से ये व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत अगर कोई टैक्सपेयर तय तारीख के बाद, लेकिन 31 दिसंबर से पहले आईटीआर फाइल करता है तो उससे 5,000 रुपये लेट फाइलिंग फी वसूली जाएगी। वहीं, अगर रिटर्न 31 दिसंबर के बाद फाइल किया जाता है तो करदाता को 10,000 रुपये बिलंब शुल्क का भुगतान करना होगा। हालांकि, अगर करदाता की सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है तो लेट फीस के तौर पर 1,000 रुपये से ज्यादा नहीं वसूला जा सकता है।

नहीं मिलेगा टैक्स

आईटीआर फाइल करने में देरी के कारण करदाता को जुर्माना भरने के साथ ही कई तरह की इनकम टैक्स छूट से भी हाथ धोना पड़ेगा। इनमें आयकर कानून की धारा-10A और धारा-10B के तहत मिलने वाली छूट नहीं मिल पाएगी। वहीं, धारा-80IA, 80IAB, 80IC, 80ID और 80IE के तहत मिलने वाली छूट से भी हाथ धोना पड़ेगा। इसके अलावा देरी से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के कारण करदाता को आयकर कानून की धारा-80IAC, 80IBA, 80JJA, 80JJAA, 80LA, 80P, 80PA, 80QQB और 80RRB के तहत मिलने वाले डिडक्शन का लाभ भी नहीं मिलेगा।

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