केंद्र सरकार ने वॉट्सऐप के सीईओ से मांगा जवाब, कहा- किसी भी प्रकार का एकतरफा बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा

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चैतन्य भारत न्यूज

सोशल मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर इन दिनों काफी विवाद चल रहा है। अब इस विवाद में केंद्र सरकार भी आ गई है। इस बारे में सरकार का कहना है कि वॉट्सऐप ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी में किए गए हालिया बदलावों को वापस लिया जाए। सरकार का कहना है कि किसी भी तरह का एकतरफा बदलाव निष्पक्ष और स्वीकार करने योग्य नहीं है।

वॉट्सऐप के CEO को लिखा पत्र

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सएप के सीईओ विल कैथार्ट को कड़े शब्दों में लिख गए पत्र में कहा कि, भारत वैश्विक स्तर पर व्हाट्सएप का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है और उसकी सेवाओं के लिए सबसे बड़ा बाजार है।
वॉट्सऐप की सेवा शर्तों और प्राइवेसी पॉलिसी में प्रस्तावित बदलाव से भारतीय नागरिकों की पसंद और स्वायत्तता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।

अपने दृष्टिकोण पर फिर से विचार करे वॉट्सऐप

मंत्रालय ने कहा है कि वॉट्सऐप को प्रस्तावित बदलावों को वापस लेना चाहिए। साथ ही इंफॉर्मेशन प्राइवेसी, फ्रीडम ऑफ चॉइस और डाटा सिक्युरिटी को लेकर अपने दृष्टिकोण पर फिर से विचार करना चाहिए। मंत्रालय ने कहा है कि भारतीयों का उचित सम्मान किया जाना चाहिए। वॉट्सऐप की सेवा शर्तों और पॉलिसी में कोई एकतरफा बदलाव निष्पक्ष नहीं और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

क्या है वॉट्सऐप की नई पॉलिसी?

वॉट्सऐप यूजर जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उसका इस्तेमाल कहीं भी कर सकती है। कंपनी उस डेटा को शेयर भी कर सकती है। यह पॉलिसी 8 फरवरी 2021 से लागू होनी थी। लेकिन, विवाद बढ़ने के बाद डेडलाइन को बढ़ाकर 15 मई कर दिया गया है। पहले दावा किया गया था कि अगर यूजर इस पॉलिसी को ‘एग्री’ नहीं करता है तो वह अपने अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। हालांकि, बाद में कंपनी ने इसे ऑप्शनल बताया था।

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