पिछले लॉकडाउन में जनता की ये गलतियां बनी थी प्रशासन की मुसीबत, इस बार सीखने की जरूरत है

lockdown

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए काफी दिनों से यह कयास लगाए जा रहे थे कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाएगा। मंगलवार सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए लॉकडाउन को बढ़ाने की घोषणा कर दी। यानी अब अगले 19 दिन आप सभी को अपने घरों में ही बंद रहना पड़ेगा। लॉकडाउन के पहले चरण में जनता ने कई गलतियां की थी जिन्हें हमें आगे दोहराने से बचना होगा। तब जाकर हम कोरोना वायरस को पूरी तरह से खत्म कर सकेंगे।

नागरिक धर्म का पालन

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश को बंद कर दिया गया। कुछ जगहों को छोड़कर पूरे देश में कर्फ्यू न लगाकर लॉकडाउन लागू किया गया। लेकिन कुछ लोगों ने इस छूट का खूब फायदा उठाया। लोग घर के अंदर रहने के बजाय सड़कों पर घूमते हुए दिखे। बिना किसी काम के गाड़ी लेकर घूमते हुए मिले। जब लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे तो पुलिसकर्मियों को सख्त होना पड़ा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। लेकिन अब लॉकडाउन 2।0 में देशवासियों को अपने नागरिक धर्म का पालन करते हुए पूरी तरह घरों के भीतर ही रहना चाहिए।

पीएम की अपील का नाजायज फायदा

इस मुश्किल घड़ी में लोगों में एकजुटता बरक़रार रखने के लिए पीएम मोदी ने जनता से दो बार अलग-अलग तरह की अपील की लेकिन अतिउत्साही लोगों ने पीएम की अपील की धज्जिया उड़ा दी। 22 मार्च को घरों में रहकर ताली-थाली बजाने की जगह लोगों ने रैली निकाली और एक-दूसरे के संपर्क में आए।

तब्लीगी जमात जैसे धार्मिक आयोजन से बचें

13 मार्च को नई दिल्ली में तब्लीगी जमात का आयोजन हुआ जिसमें ब्रूनेई, कंबोडिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम से लोग भारत पहुंचे थे। इस दौरान कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से कोरोना वायरस तेजी से फैल गया। वैसे तो कोविड-19 के मद्देनजर बड़े आयोजनों पर पाबंदी लगा दी गई थी, लेकिन फिर भी निजामुद्दीन में भारी भीड़ जुटी और हमारी एजेंसियों भी इसे रोकने में नाकाम रहीं।

अपमान नहीं हौसला अफजाई की जरूरत

देश की रक्षा के लिए और लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए सभी जगह पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज करने के लिए अपनी जान पर खेल रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान कई जगहों से पुलिसवालों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जो लोग अपनी जान को खतरे में डालकर आपकी जान बचा रहे हैं कुछ लोग उन्ही का अपमान कर रहे हैं, उन्हें अपशब्द कह रहे हैं, उनके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके अलावा कई जगहों पर कोरोनावायरस के ऐसे मरीज जो इस बीमारी को हराकर आए हैं उनके प्रति सहानुभूति रखने के बजाय असंवेदनशीलता दिखाई जा रही है। मरीजों और उसके करीबियों से अछूत की तरह व्यवहार किया जा रहा है।
आप सभी से निवेदन है कि कृपया ऐसे लोगों का सम्मान करें उनका हौसला अफजाई करें।

नियमों को तोड़कर न करें समाजसेवा

मुसीबत के समय मदद करना सबसे बड़ा पुण्य होता है लेकिन मदद करने के लिए किसी नियमों का उल्लंधन नहीं करना चाहिए। कई सामाजिक संगठन और युवा नेता राजनीति के क्षेत्र में नाम कमाने के लिए बड़ी-बड़ी रसोईघरों में खाना पकवा रहे हैं, जहां लोगों की भीड़ जुट जाती है जिससे कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने का ज्यादा खतरा रहता है। यदि आप को वाकई में सेवा करनी है तो आप घर में रहकर करें। इस मुसीबत की घड़ी में आप शासन-प्रशासन का सहयोग करें। आप चाहे तो बांटने के सामान पुलिस थाने में जमा कर सकते हैं क्योंकि लोगों तक राशन, सब्जी दूध प्रशासन पहुंचा रहा है। ऐसा करने से आप समाजसेवा भी कर सकेंगे और प्रशासन व पुलिसवालों की परेशानी भी नहीं बढ़ेगी।

Related posts