लॉकडाउन खुलने के बाद भारत में गंभीर हो रही कोरोना वायरस की स्थिति, दोबारा लग सकता है लॉकडाउन: स्टडी

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. देशभर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते लागू लॉकडाउन में ढील दे दी गई है। भारत भी अब उन 15 देशों में शामिल हो गया है जहां लॉकडाउन में ढील के चलते कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ सकता है। जिससे दोबारा लॉकडाउन लगाने की स्थिति पैदा हो सकती है। यह दावा नोमुरा रिसर्च फर्म ने अपने एनालिसिस में किया है।

13 देशों में कोरोना दोबारा लौटने की आशंका

रिसर्च के मुताबिक, लॉकडाउन खुलने के बाद लोगों की आवाजाही के चलते नए मामले बढ़ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि, ‘हमारे विजुअल टूल ने जो रिजल्ट दिए हैं, उसके अनुसार 17 देश ऐसे हैं, जहां अर्थव्यवस्था को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया सही रास्ते पर यानी ऑन ट्रैक है और वहां कोरोना के दूसरे चरण यानी सेकेंड वेव के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।’ रिपोर्ट के मुताबिक, 13 देशों में कोरोना वायरस के दोबारा लौटने की आशंका लग रही है और 15 देश ऐसे हैं, जहां सेकेंड वेव आने की पूरी आशंका है।

लॉकडाउन में ढील देने से ये दो परिस्थतियां पैदा हो सकती हैं

रिसर्च में बताया गया है कि, लॉकडाउन में ढील देने से दो परिस्तिथियां पैदा हो सकती है। पहली स्थिति को अच्छा बताया गया है और इसमें कहा गया है, अमेरिका जैसे देश में लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद लोगों की आवाजाही में बढ़ोतरी हुई और रोजाना मामलों में छिटपुट बढ़ोतरी के साथ व्यावसायिक सेवाएं शुरू हो गई हैं। जिसके कारण लोगों के बीच भय का माहौल खत्म हुआ है। जैसे-जैसे नए मामलों की संख्या में कमी आएगी लोगों के बीच पॉजिटिव फीडबैक जाएगा।’

दूसरी परिस्थिति बेहद बुरी

वहीं दूसरी परिस्थिति बेहद बुरी है। जहां कोरोना कर्व फ्लैट नहीं हो रहा है और रोज नए मामले बड़ी संख्या में आ रहे हैं। ऐसे में लोगों के भीतर भय बना हुआ है और लोगों की आवाजाही बहुत कम हो रही है। गंभीर हालातों में कुछ जगहों पर फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है।

45 देशों को किया शामिल

रिपोर्ट के विश्लेषण में 45 देशों को शामिल किया गया है। इसमें तीन समूह बनाए गए हैं। पहला समूह है – ऑन ट्रैक यानी सही रास्ते पर। दूसरा है- चेतावनी यानी वार्निंग साइन और तीसरा है- डेंजर जोन। भारत डेंजर जोन में है। भारत के साथ इंडोनेशिया, चिली और पाकिस्तान, स्वीडन, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और कनाडा सरीखे देश शामिल हैं। वहीं जिन देशों में परिस्थिति बेहतर बताई जा रही है उसमें फ्रांस, इटली और दक्षिण कोरिया शामिल हैं, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश चेतावनी यानी वार्निंग साइन श्रेणी में शामिल हैं।

Related posts