टोक्यो ओलंपिक: महिला हॉकी में भी टूटा गोल्ड का सपना, अब ब्रॉन्ज मैडल के लिए होगा मुकाबला

चैतन्य भारत न्यूज

टोक्यो ओलंपिक के 13वें दिन भारत को हॉकी में निराशा मिली। महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल के मुकाबले में हार गई है। अर्जेंटीना ने उसे 2-1 से हराया है। हालांकि, भारत की मेडल की उम्मीद अभी टूटी नहीं है। ब्रॉन्ज के लिए टीम ब्रिटेन से मुकाबला करेगी।

भारत की महिला हॉकी टीम भी सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई है। उसे अर्जेंटीना के हाथों 1-2 से हार मिली है। टीम इंडिया अब कांस्य पदक के लिए खेलेगी। टीम इंडिया भले सेमीफाइनल मुकाबला हार गई लेकिन उसने अच्छा खेल दिखाया। देश को इन 16 बेटियों पर नाज है, जिन्होंने इतिहास में पहली बार महिला हॉकी टीम को अंतिम-4 में पहुंचाया।

भारत की ओर से इकलौता गोल गुरप्रीत ने दूसरे ही मिनट में कर दिया था। इसके बाद अर्जेंटीना की कप्तान मारिया नोएल बारिओनुएवो ने दूसरे और तीसरे क्वार्टर में गोल कर भारतीय टीम पर लीड ली और इसे आखिर तक बनाए रखा।

मैच के गोल

  • दूसरा मिनट: भारत की गुरजीत
  • 18वां मिनट: अर्जेंटीना की बारिओनुएवो
  • 36वां मिनट: अर्जेंटीना की बारिओनुएवो

अभी भी इतिहास रचने का मौका

भारतीय टीम तीन बार की गोल्ड मेडलिस्ट ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल में आई थी। अब उसका मुकाबला ब्रॉन्ज के लिए ब्रिटेन से होना है। अगर टीम ये मुकाबला जीतती है तो 41 साल में पुरुष और महिला मिलाकर भारत का हॉकी में पहला मेडल होगा। भारत ने आखिरी मेडल 1980 में पुरुष हॉकी इवेंट में गोल्ड के रूप में हासिल किया था।

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