निर्मला सीतारमण के पति ने की अर्थव्यवस्था की आलोचना, अब वित्त मंत्री ने दिया करारा जवाब

nirmala sitaraman husband

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती को लेकर अब तक मोदी सरकार विपक्ष और आर्थिक विशेषज्ञों के आरोपों से इनकार करती आई है, लेकिन अब उन्हें अपने घर में ही आलोचना का शिकार होना पड़ा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और अर्थशास्त्री पराकला प्रभाकर ने कहा कि, ‘सरकार मंदी की वास्तविकता को नकार रही है। उसे कांग्रेस के आर्थिक मॉडल पर अर्थव्यवस्था की हालत सुधारनी चाहिए।’ पति के बयान पर निर्मला सीतारमण की प्रतिक्रिया आई है।


क्या बोले थे पराकला प्रभाकर

एक अंग्रजी अखबार में लिखे अपने लेख में प्रभाकर ने मंदी के मुद्दे पर चिंता जताई और कहा कि, ‘सरकार आंखें बंद कर इस समस्या से छुटकारा पाना चाहती है। जब एक के बाद एक सेक्टर मंदी की चुनौतियों से जूझ रहे हैं, तो भाजपा सरकार को यह समझ नहीं आ रहा कि इस सुस्ती की वजह क्या है। देश के अर्थव्यवस्था की हालत लगातार खराब हो रही है।’

सीतारमण का पति को जवाब

पति को जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि, ‘2014 से 2019 के बीच कई मूलभूत आर्थिक सुधार किए गए हैं। जीएसटी कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान लागू नहीं हो पाया। IBC और आधार को व्यापक बनाया गया। इसके अलावा उज्जवला 8 करोड़ लोगों को दिया। 12 लाख घरों को बिजली पहुंचाई। बजट में टैक्स में कई तरह के सुधार किए गए हैं। 1 अक्टूबर के बाद कारोबार की शुरुआत करने वालों को दुनिया में सबसे कम टैक्स भारत में देना होगा। ये सब काम हमारी सरकार ने किए हैं। अगर इन सब की तरीफ की जाती तो अच्छा रहता।’

पीएम मोदी सबसे बड़े रिफॉर्मर

निर्मला सीतारमण ने पीएम मोदी को सबसे बड़ा रिफॉर्मर मानते हुए न सिर्फ अपने पति की सलाह को खारिज किया बल्कि उन्होंने यह भी बता दिया कि मोदी मॉडल  और मनमोहन के इकोनॉमिक्स मॉडल से कहीं ज्यादा बड़ा है।

बता दें इस विवाद पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को सवाल भी किया था। शाह ने सवाल उठाने वालों से पूछा था कि, ‘क्या वे लोग ऐसा भारत नहीं चाहते हैं, जहां पर पति-पत्नी के बीच किसी भी मुद्दे को लेकर मतभेद हो सकता हो।’ साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर चल रही बहस को विराम देते हुए यह भी कहा कि, ‘यह स्वस्थ राजनीति नहीं है। मैंने कभी भी भारतीय राजनीति का इतना नीचा स्तर नहीं देखा है। विपक्ष का काम आलोचना करना है। क्या यह उचित है कि किसी शख्स के विचारों को लेकर बवाल किया जाए। सभी को अपने विचार व्यक्त करने का मौका मिलना चाहिए।’

ये भी पढ़े…

49 साल बाद कोई महिला वित्त मंत्री पेश करेंगी बजट, निर्मला सीतारमण ने परंपरा तोड़ते हुए फोल्डर में रखा बजट

निर्मला सीतारमण भारत की 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल: ब्रिटेन

मोदी सरकार ने कारोबारियों को दिया बड़ा तोहफा, इस टैक्‍स में मिलेगी छूट

 

Related posts