भारतीय नौसेना दिवस : विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी है भारतीय नौसेना, जानें कैसे हुई इसकी स्थापना

indian navy day

चैतन्य भारत न्यूज

हर साल 4 दिसंबर को ‘भारतीय नौसेना दिवस’ (Navy Day) मनाया जाता है। इस दिन नौसेना के जांबाजों को याद किया जाता है। जंग-ए-आजादी, मुंबई में ऑपरेशन ताज से लेकर अन्य कई मामलों में भारतीय नौसेना का इतिहास बहादुरी के कारनामों से भरा पड़ा है। भारतीय नौसेना के पास करीब 67,000 कर्मचारी और 295 नौसेना संपत्तियां हैं। यह दक्षिण एशिया में सबसे शक्तिशाली फोर्स मानी जाती है।

कैसे हुई नौसेना की स्थापना

बता दें नौसेना भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है, जिसकी स्थापना 1612 में हुई थी। ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी मैरिन के रूप में सेना गठित की थी। फिर इसे रॉयल इंडियन नौसेना नाम दिया गया। साल 1950 में भारत की आजादी के बाद फिर से नौसेना का गठन हुआ और इसे भारतीय नौसेना नाम दिया गया।

नौसेना दिवस 4 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है?

3 दिसंबर, 1971 को भारतीय सेना पूर्वी पाकिस्तान जो कि अब बांग्लादेश है में पाक सेना के खिलाफ जंग की शुरुआत कर चुकी थी क्योंकि इस दिन पाकिस्तानी सेना ने भारत के हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला किया था। 4 दिसंबर 1971 को ऑपरेशन ट्राइडेंट नाम से शुरू किए गए अभियान में मिली कामयाबी की वजह से ही हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है।

भारत में नौसेना की क्या भूमिका है?

भारतीय नौसेना देश की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित करने और साथ ही बंदरगाह यात्राओं, संयुक्त अभ्यास, मानवीय मिशन, आपदा राहत आदि जैसे कई तरीकों से भारत के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को बढ़ाने में एक बड़ी भूमिका निभाती है। भारतीय नौसेना विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी नौसेना है।

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