इंदौर : खुद को लेफ्टिनेंट बताने वाले सफाईकर्मी के पास 2 महंगी कारें, 2 नौकर भी रखे थे, वेतन सिर्फ 25 हजार, बंगला हुआ सील

jayprakash army

चैतन्य भारत न्यूज

इंदौर. मंगलवार को इंदौर के तेजाजी नगर क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में आर्मी वॉर कॉलेज में सफाईकर्मी (चतुर्थ श्रेणी) जयप्रकाश झा और उनके परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद जब पुलिसकर्मियों ने मृतक जयप्रकाश झा की गाड़ी की तलाशी ली तो वह हैरान हो गए। उनकी कार में रखे बैग में वायरलेस सेट, लेफ्टिनेंट कर्नल का आईडी कार्ड, कैंटीन कार्ड, सेना की सील लगा रजिस्टर, रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज और सेना की वर्दी मिली है। इसकी सूचना सैन्य अधिकारी और आर्मी इंटेलिजेंस की टीम को दी तो वह जांच करने पहुंची। जांच में यह खुलासा हुआ कि झा की गाड़ी से जो भी दस्तावेज मिले वह सब फर्जी हैं। नकली दस्तावेज मिलते ही झा के बंगले को सील कर दिया गया है।


मंगलवार को हुई थी घटना

बताया जा रहा है कि झा अपने परिवार के साथ छठ पूजा के लिए बिहार जा रहा थे। लेकिन रास्ते में प्लान बदल गया और फिर वह महू लौटने लगे। तभी सुबह तकरीबन साढे 5 बजे उनकी कार असंतुलित होकर डिवाइडर से टकराई और सड़क की दूसरी ओर हवा में उछलकर विपरीत दिशा से आ रही स्विफ्ट कार से टकरा गई। इस हादसे में झा की कार में सवार 8 लोगों में से 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में झा समेत उसके माता-पिता के अलावा 4 महीने का बच्चा और दो अन्य लोग शामिल थे। झा की पत्नी सुरुचि और पत्नी की बहन रुचि गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज इंदौर के एमवाय अस्पताल में चल रहा है। जबकि दूसरी कार में सवार 5 लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

पुलिस को मृतक के भाई चंद्रप्रकाश की मौजूदगी में जयप्रकाश के महू में समर्थ पार्क कॉलोनी स्थित घर पर डेढ़ घंटे चली सर्चिंग में प्रिंटर, हार्डडिस्क सहित कई चीजें भी मिली हैं। फिलहाल सेना व पुलिस जांच कर रही है कि कहीं वह सेना से जुड़ी खुफिया व कैंट एरिया की जानकारी किसी संदिग्ध या आतंकी संगठन को शेयर तो नहीं कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जयप्रकाश के घर से पुलिस को एक काले रंग की कार (एमपी 09 सीजे 7189) व एक दोपहिया वाहन (एमपी 09 यूएम 4585) भी मिला है। घर में रखी कार किसी यश मिश्रा के नाम पर रजिस्टर्ड है जिसकी जानकारी निकाली जा रही है। वहीं जिस कार से एक्सीडेंट हुआ, वह जयप्रकाश के नाम पर रजिस्टर्ड थी।

बतौर सफाईकर्मी जयप्रकाश का वेतन 25 हजार रुपए महीना था। लेकिन इतने कम वेतन में 30 लाख रुपए की एसयूवी और 8 लाख रुपए की दूसरी कार व दो नौकरों का खर्च वह कैसे उठा रहा था, इसकी और जयप्रकाश की संपत्ति की पुलिस जांच कर रही है। जयप्रकाश के पड़ोसियों ने बताया कि, उन्होंने कई बार जयप्रकाश और उसके घर वालों से बात करने की कोशिश भी की, लेकिन वे किसी से मिलते तक नहीं थे। कई बार लोग जयहिंद भी करते तो वह उसका भी जवाब नहीं देता था।

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