इंदौर: अस्पताल के बाहर पिता की उखड़ती रही सांसें, बेटी लगाती रही जान बचाने की गुहार, नहीं मिली जगह

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना वायरस की नई लहर बहुत ज्यादा खतरनाक है। इसका अंदाजा भी लगाना बेहद मुश्किल है। कोरोना के केस रोजाना बढ़ते ही जा रहे हैं। अस्पतालों में बेड की कमी हो रही है, ऐसे में मरीज रोजाना चक्कर काट रहे हैं। कोरोना की यह नई लहर पिछले साल से ज्यादा खतरनाक है। मध्य प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसकी एक भयावह तस्वीर इंदौर में देखने को मिली।

अस्पतालों में जगह नहीं

इंदौर में एक बेटी अपने पिता के इलाज के लिए अस्पताओं में चक्कर काटती रही लेकिन ना उसे कहीं बेड मिला और ना ही इलाज की कोई उम्मीद। उसका रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। वह सिर्फ अपने पिता के लिए अस्पताल में बेड मिलने का इंतजार कर रही थी। इसी इंतज़ार के बीच एक वक्त ऐसा आया, जब लगा कि पिता की सांस थमने ही वाली है। मौत से जंग लड़ रहे पिता को पानी पिलाने की कोशिश की। लेकिन इस मंजर के बीच कोई मदद नहीं मिल सकी।

शहर में 7 हजार से ज्यादा एक्टिव मरीज

अस्पतालों में बेड्स ना होने के कारण मरीजों को बाहर ही इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में कुछ मरीज तो इंतजार करते-करते ही अपना दम तोड़ गए। यहां इंदौर में कोविड के नोडल अधिकारी डॉ। अमित के मुताबिक, 6878 में से 4391 बेड्स भरे हैं। आईसीयू बेड्स भी 80 फीसदी तक भर चुके हैं। बता दें इस समय इंदौर में 7 हजार से ज्यादा एक्टिव मरीज है और इनकी संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है।

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