इंदौर में ट्रेंचिंग ग्राउंड पर बनेगा एशिया का सबसे बड़ा बायो-सीएनजी प्‍लांट, सीएम शिवराज चौहान ने किया शिलान्‍यास

चैतन्य भारत न्यूज

इंदौर. मिनी मुंबई और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के नाम एक और उपलब्धि जुड़ने वाली है। अब इंदौर में एशिया का सबसे बड़ा बायो सीएनजी प्लांट बनने वाला है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका शिलान्यास किया। इंदौर के देवगुराड़िया में ट्रेंचिंग ग्राउंड पर गीले कचरे के निष्पादन के लिए 550 टन की क्षमता वाला बायो मेथेनाइजेशन प्लांट का निर्माण किया जाएगा।

सिटी बसों-ऑटो रिक्शा में उपयोग किया जाएगा सीएनजी

जानकारी के मुताबिक, इस बायो मेथेनाइजेशन प्लांट से 17,500 टन किलो बायो सीएनजी का रोजाना उत्पादन किया जाएगा। 10 एकड़ से ज्यादा जमीन पर बनने वाले इस प्लांट से पैदा होने वाली बायो सीएनजी का सिटी बसों और ऑटो रिक्शा में उपयोग किया जा सकेगा। जनवरी-फरवरी 2021 तक इस प्लांट को बनाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे कि आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में उसका फायदा इंदौर को मिल सके।

अस्पताल का करेंगे उद्घाटन

शुक्रवार को इस बायो मेथेनाइजेशन प्लांट के अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शुभारंभ भी किया। शहर के सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि, ‘यह एम्स के टक्कर का अस्पताल है, जिसका ऑपरेशन थिएटर नेशनल लेवल का है। 237 करोड़ रुपए की लागत से बने इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 400 बेड हैं। इस अस्पताल का निर्माण केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने आधी-आधी राशि मिलाकर करवाया है। मध्य प्रदेश में सरकारी अस्पताल में यह अग्रणी अस्पताल है। कोरोना के खत्म होने के बाद यह अस्पताल जिस उद्देश्य को पूरा करने के लिए बनाया गया उस पर काम करना शुरू कर देगा।

कोरोना मरीजों की जांच की सुविधा मिलेगी

फिलहाल इस अस्पताल की शुरुआत 100 बेड से की जा रही है। इस अस्पताल के शुरू होने से कोरोना मरीजों की जांच की भी अतिरिक्त सुविधा मिल सकेगी। यहां आईसीयू,ऑक्सीजन युक्त अतिरिक्त बेड उपलब्ध होंगे। कोरोना संक्रमण के दौरान इस अस्पताल को शुरू करने के प्रयास अप्रैल माह से ही चल रहे हैं, लेकिन अब जाकर ये अस्पताल शुरू किया जा रहा है।

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