विश्व शांति दिवस : दुनियाभर में शांति कायम रखने की एक पहल, जानिए इस दिन का इतिहास

international day of peace

चैतन्य भारत न्यूज

विश्वभर में सभी देशों में शांति कायम रहे और संघर्षों व झगड़ों पर विराम लग सके, इसलिए हर साल 21 सितंबर को ‘विश्व शांति दिवस’ (International Day of Peace) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन दुनियाभर में कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं जिसमें नागरिकों के बीच शांति के संदेश का प्रचार व प्रसार किया जाता है। यूनाइटेड नेशंस ऑर्गनाइजेशन (UNO) ने कला, साहित्य, सिनेमा और अन्य कई क्षेत्र की मशहूर हस्तियों को शांतिदूत के तौर पर नियुक्त भी किया गया है।


international day of peace 2019

विश्व शांति दिवस का इतिहास?

साल 1982 में पहली बार विश्व शांति दिवस मनाया गया था। पहली थीम ‘Right to Peace of People’ तय की गई थी। संयुक्त राष्ट्र ने सभी देशों और उनके नागरिकों के बीच शांति बरकरार रखने के लिए इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी। 1982 से साल 2001 तक विश्व शांति दिवस सितंबर महीने के तीसरे मंगलवार को मनाया जाता था, लेकिन साल 2002 से इसमें बदलाव किया गया और फिर इस दिन को 21 सितंबर को मनाना तय किया गया।

विश्व शांति दिवस का महत्व

दुनियाभर में दंगे, लड़ाई-झगड़े बढ़ते जा रहे हैं। इसके चलते विश्व शांति दिवस का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है। जीवन के प्रमुख लक्ष्यों में से शांति और खुशी भी एक है। इसके लिए व्यक्ति मेहनत तो करता है, लेकिन उसे यह पूरी तरह प्राप्त नहीं हो पाती है। ऐसे में शांति दिवस दुनियाभर में शांति कायम रखने के लिए अच्छी पहल है। सफेद कबूतरों को शांति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन सफेद रंग के कबूतर उड़ाकर दुनियाभर में शांति बनाए रखने का संदेश दिया जाता है।

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