अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस: जानिए लोकतंत्र का अर्थ और इस दिन का इतिहास

चैतन्य भारत न्यूज

पूरी दुनिया में 15 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन लोकतंत्र के महत्व को याद करने का अवसर प्रदान करने के लिए मनाया जाता है। बता दें लोकतंत्र को दुनिया का सबसे बेहतर राजनीतिक व्यवस्था माना जाता है। दुनिया के अधिकांश देशों में लोकतात्रिक आधार पर ही व्यवस्थाएं संचालित होती हैं।

इतिहास

संयुक्त राष्ट्र हमेशा शांति, मानव अधिकारों और विकास के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करता है। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि लोकतांत्रिक समाजों में मानव अधिकारों और कानून के शासन की हमेशा रक्षा की जाती है। लोकतंत्र एक मजबूत सक्रिय और मुखर नागरिक समाज प्रदान करता है। नवंबर 2007 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हर साल 15 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इस दिन को पहली बार 2008 में मनाया गया था।

लोकतंत्र दिवस का महत्व

अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का मुख्य महत्व यह है कि यह लोगों, सभी सरकारों को नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करने और लोकतंत्र में महत्वपूर्ण और सार्थक भागीदारी प्रदान करने का अवसर प्रदान करता है। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र संघ के ‘सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा’सतत विकास लक्ष्य 16 में लोकतंत्र को संबोधित करने और शांतिपूर्ण समाज, प्रभावी और जवाबदेह और समावेशी संस्थानों के बीच व्यक्तियों के लिंक को पहचानना है।

इस दिन क्या होता है?

अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के इस मौके पर कई लोग और संगठन लोकतंत्र के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इसके तहत सम्मेलन, वाद-विवाद, चर्चाओं आदि जैसे कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में, अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाने के लिए बड़े आयोजन किए जाते हैं।

लोकतंत्र क्या है ?

लोकतंत्र का अर्थ सिर्फ लोगों का, लोगों के द्वारा और लोगों के लिए, नहीं है. इसका व्यापक अर्थ सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक लोकतंत्र है. एक देश सही रूप में तभी लोकतांत्रिक है यदि देश में रहने वाले सभी लोगों को समान सामजिक आवसर और प्रतिष्ठा प्राप्त हो, जब देश के सभी लोगों को सामान आर्थिक अवसर मिलें और देश के सभी लोगों को राजनीति में समान भागीदारी प्राप्त हो।

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