अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस : 17 नवंबर इतिहास का वो काला दिन, जब हजारों छात्रों पर नाजियों ने की थी गोलीबारी

international students day

चैतन्य भारत न्यूज

प्रत्येक वर्ष 17 नवंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस’ (International Students Day) मनाया जाता है। जहां एक ओर देश का भविष्य तय करने के लिए शिक्षक एक राष्ट्र निर्माता की भूमिका निभाता है, तो वहीं दूसरी ओर छात्र शिक्षक के बताए गए रास्तों पर चलता है और देश का भविष्य तय करता है। दुनिया को छात्र अधिकारों के प्रति जागरुक करने के लिए हर साल 17 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस मनाया जाता है।


क्या है ‘अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस’ का इतिहास

17 नवंबर इतिहास का वो काला दिन है जब नाजियों ने छात्रों पर जुल्मों की इंतेहा कर दी थी। इसी दिन चेकोस्लोवाकिया की राजधानी प्राग में नाजियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोलियां चलाई थीं। इस दौरान एक छात्र की मौत हो गई थी, जबकि 1200 से ज्यादा छात्रों को कैद कर यातनाएं दी गई थी। फिर नाजियों ने 9 छात्रों को सूली पर लटका दिया। इसी से आहात होकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय आगे आया और उन्होंने लंदन में एक अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाकर मारे गए सभी छात्रों को याद किया। इसके बाद से ही 17 नवंबर को दुनियाभर में छात्र एकजुटता के लिए यह दिवस मनाया जाता है।

क्या है उद्देश्य

इस दिन को मनाने का उद्देश्य सीधे तौर पर छात्रों के अधिकारों से जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस को ‘अंतरराष्ट्रीय छात्र एकजुटता दिवस’ भी कहा जाता है। इस दिन छात्रों के अधिकारों, उनके प्रति संवेदनशीलता और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए दुनियाभर में लोगों को जागरूक किया जाता है, जिससे कि एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण हो सके।

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