पाकिस्तान: ‘मेरा जिस्म, मेरी मर्जी’ के नारे लगातार सड़कों पर उतरीं महिलाएं, कट्टरपंथियों ने फेंके जूते और पत्थर

pakistan aurat march

चैतन्य भारत न्यूज

इस्लामाबाद. 8 मार्च को जहां दुनियाभर में ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ मनाया जा रहा था और महिलाओं के सम्मान में अनेकों कार्यक्रम आयोजित हो रहे थे, वहीं पाकिस्तान में इस दिन महिलाओं के साथ बर्बरता की खबर सामने आई है।



दरअसल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पाकिस्तान के कई शहरों में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ ‘औरत मार्च’ निकाला गया। इस दौरान ‘मेरा जिस्म, मेरी मर्जी’ जैसे कई नारों से पाकिस्तान की सड़कें गूंज उठीं। इस मार्च का आयोजन ‘हम औरतें’ नाम के एक समूह ने किया था। महिलाओं ने ये मार्च अपने बुनियादी अधिकारों के लिए निकाला।

जानकारी के मुताबिक, जिन मुद्दों के खिलाफ यह मार्च निकाला उनमें ऑनर किलिंग्स, एसिड हमलों, महिलाओं की शिक्षा से इनकार करना और उत्पीड़न शामिल हैं। पुरुषों ने भी मार्च में भाग लिया और कहा कि वे महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने की दिशा में काम करेंगे। रैली में शामिल लोगों ने हर क्षेत्र में महिलाओं के लिए मौलिक अधिकारों की मांग की। यह कुछ कट्टरपंथियों को रास नहीं आया। इन मुस्लिम कट्टरपंथियों ने औरत मार्च पर लाठी-डंडों, पत्थरों और जूतों से हमला कर दिया।

इस्लामाबाद के जिला उपायुक्त हमजा शफकात ने बताया कि जब महिलाओं ने ‘औरत मार्च’ निकाला तो पुरुषों ने भी समानांतर रैली निकाली। पुरुषों की रैली में स्थानीय आतंकी समूहों के सदस्य भी शामिल हुए थे। पुलिस ने बताया कि, कानून तोड़ने और हमले के आरोप में मुस्लिम कट्टरपंथियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

कुछ कट्टरपंथियों ने औरत मार्च पर रोक लगाने की मांग को लेकर इस्लामाबाद हाई कोर्ट में याचिका भी दी दायर की थी। हालांकि कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी थी। औरत मार्च पर प्रतिबंध लगाने वाली याचिका को कोर्ट ने उचित नहीं माना था और इसे गैर-जरूरी करार दिया था।

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