चांद को छूने के लिए भारत ने बढ़ाएं अपने कदम, सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ चंद्रयान-2, देखें वीडियो

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चैतन्य भारत न्यूज

अंतरिक्ष की दुनिया में हिंदुस्तान आज एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। 22 जुलाई को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने सबसे बड़े मिशनों में से एक चंद्रयान-2 को लॉन्च कर दिया है। दोपहर 2:43 बजे चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग देश के सबसे ताकतवर बाहुबली रॉकेट जियोसिंक्रोनस सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क-3 (जीएसएलवी-एमके3) के जरिए की गई है।

22 जुलाई से लेकर 13 अगस्त तक चंद्रयान-2 पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाएगा। फिर वह 13 अगस्त से 19 अगस्त तक चांद की तरफ जाने वाली लंबी कक्षा में यात्रा करेगा। इसके बाद 19 अगस्त को चंद्रयान-2 चांद की कक्षा में पहुंचेगा। यहां 13 दिन यानी 31 अगस्त तक चंद्रयान-2 चांद के चारों ओर चक्कर लगाएगा। फिर 1 सितंबर को विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और यह चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाने के लिए यात्रा शुरू करेगा। 5 दिन की यात्रा के बाद 6 सितंबर को विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। चांद की सतह पर उतरने के करीब 4 घंटे बाद रोवर प्रज्ञान लैंडर से निकलकर चांद की सतह पर विभिन्न प्रयोग करने के लिए उतरेगा।

इससे पहले चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग 15 जुलाई को तड़के 2:51 बजे होने वाली थी। लेकिन लॉन्चिंग के कुछ ही मिनट पहले तकनीकी खराबी के चलते उड़ान को स्थगित कर दिया गया। इस बार इसरो ने कुछ बदलाव भी किए हैं। बता दें यदि 15 जुलाई को चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग होती तो यान 6 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करता। लेकिन 22 जुलाई को इसकी लॉन्चिंग के बाद चंद्रयान-2 को चांद पर पहुंचने में सिर्फ 48 दिन ही लगेंगे। यानी इस बार भी चंद्रयान-2 अपने तय समय पर 6 सितंबर को ही चांद पर पहुंच जाएगा। जानकारी के मुताबिक, इसरो वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-2 के पृथ्वी के चारों तरफ लगने वाले चक्कर में कटौती की है। संभवतः अब चंद्रयान-2 पृथ्वी के चारों तरफ 5 के बजाय 4 चक्कर ही लगाए।

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