कोटा: 107 मासूमों की मौत के बाद सरकार ने लिया एक्शन, अस्पताल में आएंगे 8 वेंटिलेटर

jk lon hospital

चैतन्य भारत न्यूज

कोटा. राजस्थान के कोटा स्थित जेके लोन सरकारी अस्पताल में दिसंबर से अब तक 107 बच्चों की मौत हो गई है। बच्चों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बच्चों की मौत का कारण पता लगाने के लिए एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण हाइपोथर्मिया बताया है।



राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने शुक्रवार को जेके लोन अस्पताल का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि, ‘चिकित्सा सुविधाओं के लिए बजट की कमी नहीं है, उसका सदुपयोग कर समय पर उपकरणों की मरम्मत एवं सुविधाओं को दुरूस्त रखा जाए ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो।’

इसके अलावा रघु शर्मा ने अस्पताल के NICU वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए आवश्यक निर्माण कार्य 15 जनवरी तक पूरे कराने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि, ‘जेके लोन अस्पताल में हाडौती के साथ मध्य प्रदेश से भी प्रसूताएं एवं शिशु आते हैं ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।’

चिकित्सा मंत्री ने इंफेक्शन को फैसले से रोकने के लिए अस्पताल में सफाई की उत्तम व्यवस्था रखने और साथ ही मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के अलावा अनावश्यक भीड़ को अस्पताल में प्रवेश न देने के निर्देश दिए। साथ ही रघु शर्मा ने जिला कलेक्टर ओम कसेरा को अस्पताल की समय-समय पर जांच करने और वहां के उपकरणों की खरीद एवं साफ-सफाई व्यवस्था में सहायता के लिए मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

रघु शर्मा ने एक बैठक भी की जिसमें उन्होंने अस्पताल प्रबंध द्वारा बताई गई आवश्यकताओं को मौके पर ही स्वीकृति दे दी। साथ ही चिकित्सा मंत्री ने अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए भी प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जरुरी उपकरणों में 8 वेंटिलेटर, 28 रेग्यूलाईजर, 10 पल्स ऑक्सीमीटर भी खरीदने की अनुमति दी। मीडिया से बातचीत के दौरान चिकित्सा मंत्री ने बच्चों की मौत को बेवजह तूल नहीं देने की बात कही। उन्होंने कहा कि, ‘राजस्थान सरकार संवेदनशीलता के साथ इस मामले की लगातार निगरानी कर रही है।’

वहीं जांच समिति का इस मामले में कहना है कि, अस्पताल में लगभग सभी तरह के उपकरण और व्यवस्था में बहुत सारी खामियां हैं। बच्चो की मौत का मुख्य कारण हाइपोथर्मिया है। सच्चाई यह है कि इससे बच्चों को बचाने के लिए अस्पताल में मौजूद हर आवश्यक उपकरण खराब है। बता दें अस्पताल में लगातार हो रही मासूमों की मौत के बाद जायजा लेने के लिए आज राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अस्पताल का दौरा करेंगे।

क्या है हाइपोथर्मिया

हाइपोथर्मिया उसे कहा जाता है, जब शरीर का तापमान 97 डिग्री फॉरेनहाइट से कम हो जाए। जब बाहर का तापमान बेहद कम हो जाए या शरीर में गर्मी पैदा होना कम हो तब ऐसा होता है। इस स्थिति में कई बार हाइपोथर्मिया जानलेवा भी हो सकता है।

ये भी पढ़े…

कोटा में 104 बच्चों की मौत पर भड़कीं मायावती, की मुख्यमंत्री गहलोत को बर्खास्त करने की मांग

कोटाः 104 मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन? आज जांच के लिए पहुंचेगी केंद्र की एक्सपर्ट टीम

कोटा: नहीं थम रहा बच्चों की मौत का सिलसिला, 4 दिन में 11 नवजातों की मौत, 102 के पार पहुंचा आंकड़ा

कोटा: 48 घंटे में 10 बच्चों की मौत, सीएम गहलोत बोले- हर रोज 3-4 मौतें होती हैं, कोई नई बात नहीं

ऑक्सीजन पाइपलाइन नहीं होने के कारण इंफेक्‍शन फैलने और ठंड के चलते हुई 91 मासूमों की मौत

Related posts