धूमधाम से अपनी मौसी के घर जाने को निकले भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम, पुरी के राजा ने सोने की झाड़ू से की सफाई

चैतन्य भारत न्यूज

पुरी. कोरोना महामारी के बीच हर साल की तरह इस बार भी भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा (Jagannath Rath Yatra) निकाली जा रही है, लेकिन कड़ी शर्तो के साथ। ओडिशा में पुरी के राजा गजपति महाराज दिब्यसिंह देब रथयात्रा में भाग लेने के लिए पुरी के जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। दिब्यसिंह देब ने रथयात्रा में झाड़ू लगाई। इसे ‘छेरा पहानरा’ अनुष्ठान भी कहते हैं, जिसमें भगवान जगन्नाथ के रथ के रास्ते को सोने जड़ित झाड़ू से साफ करते हैं। बता दें कि इस अनुष्ठान को पुरी के राजसी परिवार के लोग ही करते हैं।

रथयात्रा के दौरान घरों में कैद भक्त

यात्रा में अधिकतम 500 लोगों को ही रथ खींचने की अनुमति दी गई है। वहीं शहर में कर्फ्यू के हालात हैं और लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। लोग अपने घरों से ही टीवी पर रथयात्रा का सीधा प्रसारण देख रहे हैं। बता दें कि 2500 साल से भी ज्यादा समय में ऐसा पहली बार होगा कि रथयात्रा में भक्त शामिल नहीं होंगे और वह अपने अपने घरों में कैद रहेंगे।

बलदेव जी का रथ होता है सबसे आगे

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में सबसे आगे चलने वाले बलदेव जी के रथ को ‘तालध्वज’ कहते हैं। इनके रथ का रंग लाल और हरा होता है। बलदेव के रथ के पीछे देवी सुभद्रा का रथ चलता है। इस रथ को ‘दर्पदलन’ या ‘पद्म रथ’ कहा जाता है। इस रथ में काले, नीले और लाल रंग का प्रयोग किया जाता है। यह भी भव्य और विशाल होता है। भगवान जगन्नाथ के रथ को ‘नंदीघोष’ या ‘गरुड़ध्वज’ कहा जाता है। ये पीतांबर वर्ण और लाल रंग का होता है। ये बेहद विशाल और भव्य होता है। इस रथ की ऊंचाई करीब 45.6 फीट होती है।

मौसी के घर जाते हैं भगवान जगन्नाथ

भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ अपनी मौसी के घर जाते हैं। गुंडिचा मंदिर भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर माना जाता है। यहां भगवान 7 दिनों तक आराम करते हैं। इसके बाद वापसी की यात्रा शुरु होती है। ओडिशा में पुरी के अलावा भी कई जगहों पर ऐसी यात्राएं आयोजित की जाती हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामना

रथयात्रा की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी शुभकामनाएं दी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘रथ यात्रा के पावन अवसर पर सभी देशवासियों, विशेष रूप से ओडिशा में प्रभु जगन्नाथ के श्रद्धालुओं को बधाई। मैं कामना करता हूं कि प्रभु जगन्नाथ की कृपा, कोविड-19 का सामना करने के लिये हमें साहस व संकल्प-शक्ति प्रदान करे और हमारे जीवन में स्वास्थ्य और आनंद का संचार करे।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन-पुनीत अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि श्रद्धा और भक्ति से भरी यह यात्रा देशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और आरोग्य लेकर आए। जय जगन्नाथ।’

सुप्रीम कोर्ट ने कल दी थी सशर्त हरी झंडी

बता दें सुप्रीम कोर्ट ने पहले जगन्नाथ रथयात्रा पर रोक लगा दी थी। कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ कई याचिकाएं दयार की गई थी जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस मामले में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए इसे सार्वजनिक भागीदारी के बिना आयोजित किया जा सकता है। फिर सुप्रीम कोर्ट ने पुरी में होने वाली जगन्नाथ रथयात्रा के आयोजन को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी।

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