सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ जगन्‍नाथ रथ यात्रा को दी मंजूरी, पुरी में 41 घंटे का शटडाउन

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए ओडिशा में हर साल होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ कई याचिकाएं दयार की गई थी जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस मामले में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए इसे सार्वजनिक भागीदारी के बिना आयोजित किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने फिर पुरी में होने वाली जगन्नाथ रथयात्रा के आयोजन को मंजूरी दे दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ रथयात्रा के आयोजन को मंजूरी दी है।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर सोमवार रात 9 बजे से बुधवार दोपहर 2 बजे तक पुरी में शटडाउन रहेगा। सभी एंट्री पॉइंट्स बंद रहेंगे और आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध होगा। यह जानकारी ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी असित त्रिपाठी ने दी। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा के दौरान कोरोना के मद्देनजक कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध रहेंगे। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा के दौरान कोरोना के मद्देनजक कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध रहेंगे।

कोर्ट ने कहा कि प्लेग महामारी के दौरान भी रथ यात्रा सीमित नियमों और श्रद्धालुओं के बीच हुई थी। कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से पुरी रथ यात्रा पर रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं डाली गई थी। कोर्ट ने कहा कि प्लेग महामारी के दौरान भी रथ यात्रा सीमित नियमों और श्रद्धालुओं के बीच हुई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि हम यह राज्य सरकार के ऊपर छोड़ते हैं कि वह लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरा होने पर धार्मिक आयोजन को रोकने के लिए स्वतंत्र है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से समझौता किए बिना मंदिर कमेटी, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के समन्वय से यह आयोजन किया जा सकता है। ओडिशा सरकार ने जानकारी दी है कि पुरी होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा को लाइव टेलीकास्ट करने का इंतजाम चल रहा है ताकि भक्त घर बैठे भगवान के दर्शन कर पाएं।

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