कौन हैं जेअर बोल्सोनारो? जिन्हें पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि किया आमंत्रित

jair bolsonaro modi

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. 26 जनवरी 2020 को भारत अपना 71वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस मौके पर होने वाले समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश की और भी कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। गणतंत्र दिवस पर हर वर्ष कोई न कोई मुख्य अतिथि आते हैं। इस बार जेअर बोल्सोनारो गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने जा रहे हैं। आइए जानते हैं देश के मुख्य अतिथि होने जा रही इस शख्सियत के बारे में-



कौन हैं जेअर बोल्सोनारो

71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने जा रहे जेअर बोल्सोनारो ब्राजील के राष्ट्रपति हैं। बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें न्योता दिया है। पीएम मोदी ने ब्राजील में हुए ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान बोल्सोनारो को गणतंत्र दिवस पर आमंत्रित किया। बोल्सोनारो ने यह आमंत्रण स्वीकार भी कर लिया है।

विवादित बयानों को लेकर घिर चुके हैं बोल्सोनारो

बता दें भारत और ब्राजील के संबंध बेहद अच्छे हैं। पिछले महीने ही ब्राजील में बोल्सोनारो सरकार ने उनके देश में घूमने के लिए भारतीयों के लिए वीजा की जरूरत खत्म कर दी थी। जानकारी के मुताबिक, बोल्सोनारो ने पिछले साल ही ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव जीता था। बोल्सोनारो को अपने दक्षिणपंथी विचारों के कारण चुनाव प्रचार के दौरान और कार्यालय ग्रहण करने के बाद भी विपक्ष का तीखा विरोध झेलना पड़ा था। उनके द्वारा की गई सेक्सुअल ओरिएंटेशन, लिंग आधारित और नस्लभेदी टिप्पणियों को लेकर भी खूब विवाद हुआ था। साथ ही बोल्सोनारो 1964 से 1985 के बीच ब्राजील में मिलिट्री तानाशाही की प्रशंसा करने को लेकर भी वह विवादों में पड़े थे।

लग चुका है दुष्कर्म का आरोप

बता दें बोल्सोनारो पर दुष्कर्म का भी आरोप लग चुका है। यह आरोप ब्राजील की एक महिला विधायक ने लगाया था। इस पर बोल्सोनारो ने जवाब देते हुए कहा था कि, ‘मैं आपके साथ दुष्कर्म नहीं कर सकता, क्योंकि आप इसके लायक ही नहीं।’ इसके अलावा बोल्सोनारो का एक और बयान है जिसे लेकर खूब विवाद हुआ था। वह बयान था कि, ‘समलैंगिक बेटे को प्यार नहीं दे पाऊंगा’ , ‘बेटी होना कमजोरी है’।

कैसे चुने जाते हैं गणतंत्र दिवस के लिए मुख्य अतिथि

गणतंत्र दिवस पर किसी भी देश के प्रमुख को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया जा सकता है। प्रोटोकॉल के मुताबिक, गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि का पद भारत का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। भारत का विदेश मंत्रालय इसके लिए कई पहलुओं की जांच करता है। इन पहलुओं में सबसे अहम भारत के साथ उस देश का रिश्ता होता है। इसके लिए गणतंत्र दिवस से करीब छह महीने पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। फिर अंत में प्रधानमंत्री की मंजूरी और फिर राष्ट्रपति भवन से क्लीयरेंस ली जाती है। इसके बाद उस व्यक्ति को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाता है।

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