तबलीगी जमात का प्रमुख मौलाना साद अब भी फरार, क्राइम ब्रांच कर रही तलाश

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी मरकज में लॉकडाउन के दौरान जमात ठहराने के मामले में प्रमुख मौलाना साद अब तक फरार है। इस मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस मौलाना के साथ ही उसके 6 साथियों की भी खोज कर रही है। इनके खिलाफ निजामुद्दीन थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस की टीम देश के कई हिस्सों में तलाशी में जुटी हुई है।

बता दें मौलाना साद की जमात में करीब 6000 लोग शामिल हुए थे जिनके कारण देश में तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। मौलाना के साथ पुलिस जिन लोगों की तलाश में जुटी है उनमें मोहम्मद अशरफ, मुफ्ती शरजाद, डॉ। जीशान, मुरसलीन सैफी, यूनुस व मो। सलमान भी शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग राज्यों की मस्जिदों में मौलाना हैं।

जानकारी के मुताबिक, मौलाना साद ने देर रात एक ऑडियो क्लिप जारी कर बताया कि वह दिल्ली में ही अपने किसी रिश्तेदार के यहां क्वारंटाइन है। साथ ही उसने जमात में शामिल हुए सभी लोगों से अपील की है कि वे सभी डॉक्टरों की सलाह और सरकार के नियमों का पालन करें।

बता दें जब बार-बार चेतावनी देने के बाद भी मौलाना साद ने मरकज को खाली नहीं कराया तो 25 मार्च को एसडीएम और पुलिस ने मेडिकल टीम बुलाकर वहां ठहरे हुए सभी लोगों की जांच कराई। शुरुआती जांच में तो एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला। फिर 26 मार्च को मेडिकल टीम नहीं आई। इसके बाद 27 मार्च को दोबारा मेडिकल टीम ने जांच की तो उनमें 6 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले। फिर मौलाना साद ने एक ऑडियो संदेश वायरल किया जिसमें उसने प्रशासन और पुलिस पर कोरोना के बहाने मुस्लिमों को नमाज पढ़ने से रोके जाने का आरोप लगाया।

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने फोन पर मौलाना साद से बातचीत कर सुरक्षा कारणों से मरकज को खाली कराने का अनुरोध किया। लेकिन फिर भी मरकज के मौलानाओं पर असर नहीं हुआ। इसके बाद 28 मार्च की शाम से ही मौलाना साद फरार है।

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