दुनिया के सबसे उम्रदराज व्यक्ति का निधन, हमेशा मुस्कुराते रहना बताया था लंबी उम्र का राज

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चैतन्य भारत न्यूज

टोक्यो. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा घोषित उम्रदराज चितेत्सु वातानाबे का रविवार को निधन हो गया। मंगलवार को परिवार ने इसकी पुष्टि की। चितेत्सु वतनाबे का जन्म जापान के नीगाता में 5 मार्च 1907 में हुआ था। उनकी उम्र 112 वर्ष थी। बता दें 12 फरवरी 2020 को ही उनका नाम गिनीज बुक में शामिल किया गया था।



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जानकारी के मुताबिक, चितेत्सु के कुल 8 बच्चे हैं। वह एग्रीकल्चर से ग्रेजुएशन के बाद ताइवान चले गए थे और एक गन्ना बागान में काम किया। इसके बाद उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सेना में काम किया। फिर वे जापान के नीगाता लौट आए। यहां आकर उन्होंने सरकारी ऑफिस में रिटायरमेंट तक काम किया। इस दौरान चितेत्सु अपने फार्म में सब्जियां और फल भी उगाते थे।

लंबी उम्र का राज

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चितेत्सु के परिवार से उनकी इतनी उम्र के राज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि, ‘वह कभी भी किसी पर गुस्सा नहीं करते हैं और न ही वह कभी किसी से तेज आवाज में बात करते हैं। चितेत्सु वतनाबे हमेशा मुस्कुराते ही रहते हैं और यही उनकी लंबी उम्र का राज है।’ बता दें चितेत्सु से पहले सबसे बुजुर्ग पुरुष जापान के ही मासाजो नोनाको थे। उनका निधन 12 जून 2013 में हो गया था। उस समय उनकी उम्र 113 साल 54 दिन थी।

सबसे उम्रदराज जीवित महिला भी जापान की

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जापान की ही रहने वाली केन तनाका दुनिया की सबसे उम्रदराज जीवित महिला हैं, जिनकी उम्र 117 साल है। खास बात तो यह है कि केन तनाका को कोलोरेक्टल कैंसर भी था, जिसे उन्होंने मात दे दी।

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