क्षेत्रीय भाषाओं में भी होगी जेईई-मेन परीक्षा

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. देश की 23 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में प्रवेश के लिए ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (जेएबी) ने गुरुवार को फैसला किया कि कंप्यूटर आधारित संयुक्त प्रवेश परीक्षा-मुख्य (जीईई-मेन) का आयोजन अगले साल से कई और क्षेत्रीय भाषाओं में भी कराया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।

साल में दो बार होने वाली यह परीक्षा फिलहाल अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती में हो रहा है। कई राज्यों के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में ही परीक्षा ली जाती है। निशंक ने कहा, इस फैसले के दूरगामी प्रभाव होंगे क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा है कि पीसा (प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट असेसमेंट) परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले देश पढ़ाई के माध्यम के रूप में अपनी मातृभाषा का ही प्रयोग करते हैं।

जेएबी के फैसले से छात्रों को सवाल बेहतर तरीके से समझने और उच्च अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों ने बताया कि जिन क्षेत्रीय भाषाओं में यह परीक्षा कराई जानी है, उनका फैसला अभी किया जाना है।

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