झारखंड चुनाव परिणाम 2019 : बीजेपी की हुई विदाई, जानें झारखंड के नए मुखिया हेमंत सोरेन के बारे में

heman soren

चैतन्य भारत न्यूज

रांची. झारखंड विधानसभा की 81 सीटों पर हुए चुनाव के वोटों की गिनती जारी है। अब तक के रुझानों में राज्य की मौजूदा रघुवर सरकार की विदाई तय लग रही है और झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन (महागठबंधन) नई सरकार बनाती दिख रही है। जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी के इस गठबंधन के रुझानों में आगे निकलने के बाद बड़ी जीत का श्रेय झारखंड के कद्दावर नेता शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन को जा रहा है।


30 सीटों पर सिमटी भाजपा!

जानकारी के मुताबिक, सत्ताधारी बीजेपी 30 से भी कम सीटों पर सिमट रही है। रुझानों में जेएमएम झारखंड की सबसे पार्टी बनकर उभर रही है। पार्टी को अकेले ही 28 सीटें मिलती दिख रही हैं वहीं बीजेपी 25 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है। जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन को 46 सीटों पर बढ़त है। अब हेमंत सोरेन का झारखंड का मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है।

आज का दिन संकल्प लेने का दिन : हेमंत सोरेन

बहुमत मिलता देख हेमंत सोरेन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने कहा कि, ‘कई चीजें स्प्ष्ट हो चुकी हैं कुछ बाकी हैं अभी तक के रुझान के माध्यम से झारखंड की जनता ने जो जनादेश दिया है इसके लिए मतदाताओं का आभार। लोगों के लिए उत्साह का दिन लेकिन मेरे लिए आज का दिन संकल्प लेने का है, यहां के लोगों की आकाक्षांओं को पूरा करने का दिन है।

सोनिया-राहुल-प्रियंका को कहा धन्यवाद

हेमंत सोरेन ने इस दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को धन्यवाद भी कहा। साथ ही उन्होंने अपने पिता का आभार जताते हुए कहा कि, ‘ये जीत शिबू सोरेन आशीर्वाद और समर्पण का नतीजा है।’

ये मेरी हार है, पार्टी की नहीं : रघुवर दास

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हार के बाद कहा कि, ‘अभी रूझान आ रहे हैं। कई जगहों पर काउंटिंग पूरी नहीं हुई है, लेकिन मैं जनादेश का स्वागत करता हूं। ये मेरी हार है, पार्टी की नहीं। मैंने ईमानदारी से झारखंड के लिए काम किया। 65 पार के नारे पर रघुवर दास ने कहा कि लक्ष्य जिंदगी में लक्ष्य बड़ा रखना चाहिए। इसलिए 65 पार का नारा दिया गया।’

कौन हैं हेमंत सोरेन

साल 1975 में बिहार में जन्में हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन के बेटे हैं। हेमंत सोरेन ने इंजीनियरिंग के लिए बीआईटी मेसरा में एडमिशन लिया था लेकिन उनके सामने कुछ ऐसी परिस्थितियां आ गई थी जिसके बाद उन्हें राजनीति में कदम रखना पड़ा। साल 2009 में उनके बड़े भाई दुर्गा सोरेन का निधन हो गया था। दुर्गा के जाने के बाद पार्टी की पूरी जिंदगी हेमंत सोरेन पर आ गई क्योंकि पिता शिबू सोरेन अस्वस्थ्य रहने लगे और बढ़ती उम्र ने भी उन्हें राजनीति से किनारा करने के लिए बाध्य कर दिया। हेमंत सोरेन जून 2009 से 4 जनवरी 2010 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे थे। 2013 में कांग्रेस और आरजेडी की मदद से हेमंत झारखंड के पांचवें मुख्यमंत्री भी बने थे। लेकिन 2014 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनकी सत्ता से विदाई हो गई थी। साल 2019 में एक बार फिर सत्ता उनके हाथ में आ गई है।

सरकार बनाने के लिए 41 सीटों की आवश्यकता

बता दें झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक 5 चरणों में मतदान हुए थे। कुल 65.23% वोटिंग हुई थी। जानकारी के मुताबिक, साल 2014 के विधानसभा चुनाव में यहां 66.6% वोट डाले गए थे। झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए 41 सीटों की आवश्यकता होगी। आखिरी चरण की वोटिंग पूरी होने के बाद एग्जिट पोल के नतीजे सामने आए। ज्यादातर एग्जिट पोल में कांग्रेस-झामुमो-राजद गठबंधन के सत्ता हासिल करने का अनुमान दिया गया था।

बीजेपी को हराने के लिए उद्देश्य से बना गठबंधन

इस समय झारखंड में बीजेपी की सरकार है। मुख्यमंत्री रघुवर दास राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है। मौजूदा विधानसभा में बीजेपी के पास 44 सीटें हैं। बीजेपी को हराने के उद्देश्य से इस बार झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने गठबंधन बनाया है, जो अपने मिशन में कामयाब हो गया है।

ये भी पढ़े…

झारखंड चुनाव परिणाम : BJP को झटका, JMM गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा किया पार

झारखंड Exit Poll: बीजेपी के हाथ से सत्ता जाने का अनुमान, विपक्षी गठबंधन ताकतवर

झारखंड विधानसभा चुनाव : बीजेपी ने जारी किया संकल्प पत्र, जनता से किए ये बड़े वादे

Related posts