झारखंड के श‍िक्षामंत्री ने 52 की उम्र में लिया 11वीं कक्षा में एडमिशन, कहा- व्यंग्य से जगा पढ़ाई का जज्बा

चैतन्य भारत न्यूज

पढ़ाई-लिखाई की कोई उम्र नहीं होती, बस इसके लिए जज्बा होना चाहिए। ऐसा ही एक मामला झारखंड से सामने आया है। यहां अक्सर ही अलग-अलग कारणों से सुर्खियों में रहने वाले 10वीं पास सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो अब इंटर की पढ़ाई करेंगे।

जी हां… 52 वर्षीय शिक्षा मंत्री जी अब मंत्रालय की जिम्मेदारी तो निभाएंगे ही और साथ ही वह अपनी शिक्षा भी पूरी करेंगे। अब मंत्री जी स्कूल में अपनी क्लासरूम की बेंच पर बैठकर पढ़ाई भी करते नजर आएंगे। जानकरी के मुताबिक, शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो अपने ही डुमरी विधानसभा क्षेत्र के नवाडीह स्थित देवी महतो स्मारक इंटर महाविद्यालय में सोमवार को इंटरमीडिएट में दाखिला लिया।

शिक्षा मंत्री महतो ने बताया कि, अब वो अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए नियमित क्लास भी करेंगे। उनका कहना है कि जब राज्य में हमें शिक्षा मंत्री पद की शपथ दिलाई जा रही थी तब कुछ लोगो ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कि 10वीं पास को शिक्षा मंत्री बनाया गया है। ऐसे में शिक्षा नीति कैसे बेहतर होगी, ये क्या करेंगे। इस वजह से उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करने का फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि, ‘उसी विरोध और मजाक का आज जबाब दे रहा हूं। मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि हममें वो जोश और जज्बा है कि अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे, मंत्रालय भी देखेंगे, खेती भी करेंगे और जनता की सेवा भी करेंगे। पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है, इसलिए हम पढ़ाई पूरी करेंगें।’

मंत्री जगरनाथ महतो किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। उन्होंने पढ़ाई छोड़ने की वजह बताते हुए कहा था कि, उस वक्त झारखंड आंदोलन अपने चरम पर था। हम भी नौजवान थे तो विनोद बिहारी महतो के नेतृत्व में आंदोलन में कूद पड़े। इसके बाद राजनीति में आ गए। इसी कारण पढ़ाई आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन अब वह इसे पूरा करेंगे। वैसे शिक्षा मंत्री के पढ़ाई के प्रति उनका जज्बा क प्रेरणा देता है, अगर आप चाह ले तो उम्र के किसी भी पड़ाव में आप सीख सकते हैं।

 

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