ऑक्सीजन पाइपलाइन नहीं होने के कारण इंफेक्‍शन फैलने और ठंड के चलते हुई 91 मासूमों की मौत

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चैतन्य भारत न्यूज

कोटा. राजस्थान के कोटा में जेके लोन अस्पताल में एक महीने में 91 नवजात बच्चों की मौत हो गई। इस मामले में अब चौकाने वाला खुलासा हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में कमेटी ने इलाज में कोई खामी नहीं मानी है।



रिपोर्ट के मुताबिक, 91 मासूमों की मौत ऑक्सीजन पाइपलाइन नहीं होने के कारण इंफेक्शन फैलने और ठंड के कारण हुई है। बता दें 91 बच्चों की मौत के बाद जेके लोन अस्पताल में बवाल को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट दे दी थी। कमेटी में जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के दो विशेषज्ञ डॉक्टर भी शामिल थे।

ऑक्सीजन सिलेंडर से इंफेक्शन

कमेटी ने बताया कि, जेके लोन अस्पताल के नियोनेटल आईसीयू में ऑक्सीजन की पाइपलाइन नहीं है। यहां सिलेंडर के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की गई थी। ऐसे में इंफेक्शन बढ़ता गया और मौत का आंकड़ा भी बढ़ता गया। अस्पताल के हालात सुधारने के लिए कमेटी ने सुझाव भी दिए हैं। इसमें उन्होंने कहा कि, अस्पताल में उपलब्ध उपकरणों की बीएसबीवाई और आरएमआरएस कोष से त्वरित मरम्मत कराई जाए। एनआईसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पाइपलाइन डाली जाए।

ठंड भी बनी मौत का कारण 

बता दें इस कमेटी में जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. अमरजीत मेहता और डॉ. रामबाबू शर्मा शामिल थे। उन्होंने बताया कि, बच्चों को ठंड में जीप या अन्य वाहनों में अस्पताल लाया गया, जो मौत का एक बड़ा कारण बना है।

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