JNU विवाद : हजारों छात्रों का संसद तक पैदल मार्च शुरू, तोड़ी पुलिस बैरिकेडिंग, संसद के आसपास धारा-144 लागू

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी और नए हॉस्टल नियमों को लेकर हो रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को यह प्रदर्शन संसद मार्च में बदल गया। कैंपस के बाहर धारा 144 लागू होने के बावजूद ये मार्च निकाला गया है। प्रदर्शनकारी हजारों छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी छात्रों से कक्षाओं में लौटने की अपील की है।



जानकारी के मुताबिक, मार्च में जेएनयू के अलावा और भी कई यूनिवर्सिटी के छात्र शामिल हुए हैं। सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने 9 कंपनी फोर्स लगाई है जिसमें पैरा मिलिट्री फोर्स शामिल है। इसके लिए करीब 1200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं जिनमें दिल्ली पुलिस भी शामिल है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि, जेएनयू छात्रों को संसद तक नही जाने दिया जाएगा। संसद के आसपास धारा 144 लगी हुई है, साथ ही बैरिकेडिंग कर दी है। लेकिन छात्र रास्ते में लगे बैरिकेड्स भी तोड़ते हुए चले जा रहे हैं। पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया है। इस बीच मानव संसाधन मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है, जो जेएनयू की सामान्य कार्यप्रणाली बहाल करने के तरीकों की सिफारिश करेगी। यह समिति छात्रों और प्रशासन से बातचीत करेगी तथा सभी समस्याओं के समाधान को लेकर सिफारिश सौंपेगी।


छात्रों के इस हंगामे के कारण सबसे ज्यादा परेशानी का सामना आम जनता को करना पड़ रहा है। अरुणा आसिफ अली रोड पर पुलिस बैरिकेडिंग के चलते कई लोग जाम में फंस गए। कुछ लोगों का कहना है कि, पुलिस को पहले से बैरिकेडिंग कर के रास्ते डायवर्ट कर देना चाहिए था। इतना ही नहीं बल्कि मुजफरनगर से मरीज को लेकर आ रही एंबुलेंस भी आसिफ अली रोड पर ही जाम में फंस गई। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस में गंभीर मरीज को स्पाइनल अस्पताल लेकर जाना था। हालांकि, बाद में स्थानीय लोगों ने पुलिस बैरिकेडिंग हटाई और एंबुलेंस को जाने का रास्ता दिया।

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