RAW REVIEW : देश के एक सच्चे जासूस की कहानी को कई अवतार के जरिए दिखा रहे हैं जॉन अब्राहिम

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टीम चैतन्य भारत

फिल्म : रोमियो अकबर वाल्टर (रॉ)
कलाकार : जॉन अब्राहम, जैकी श्रॉफ, सिकंदर खेर, मौनी रॉय
निर्देशक : रॉबी ग्रेवाल
निर्माता : वायाकॉम 18 मोशन पिक्चर्स
मूवी टाइप : थ्रिलर,ऐक्शन
अवधि : 1 घंटा 52 मिनट

कहानी : फिल्म की कहानी अकबर (जॉन अब्राहम) से शुरू होती है। अकबर को पाकिस्तानी इंटेलिजेंस अफसर खुदाबख्श (सिकंदर खेर) द्वारा काफी ज्यादा टॉर्चर किया जाता है। अकबर के साथ बहुत दुर्व्यवहार भी किया जाता था। थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करके अकबर के नाखून तक उखाड़ दिए गए हैं। दरअसल, पाकिस्तान इंटेलिजेंस को अकबर के भारतीय रॉ के जासूस होने का शक था। कहानी फ्लैशबैक में पहुंच जाती है जहां बैंक में काम करने वाला रोमियो (जॉन) बहुत ही ईमानदार और बहादुर अफसर है। रोमियो बैंक में ही काम करने वाली श्रद्धा (मौनी रॉय) से प्यार करने लगता है। इसी बीच बैंक में एक डकैती हो जाती है जो रोमियो की जिंदगी बदलकर रख देती है। रोमियो बड़ी ही जांबाजी से रॉबेरी का मुकाबला करता है और इसी दौरान उसे यह पता चलता है कि रॉ के चीफ श्रीकांत राय (जैकी श्रॉफ) द्वारा रॉ के एक जासूस के रूप में अकबर को चुना गया है। जिसके बाद रॉ रोमियो को अकबर मलिक बनाकर एक एजेंट के रूप में पाकिस्तान भेज देता है। वहां से अकबर कई सारी जानकारियां भारत भेजता है और इस दौरान उसे कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पाकिस्तानियों को कुछ ऐसे सुराग मिल जाते हैं जिससे उन्हें अकबर पर शक होने लगता है और फिर वह उसे टॉर्चर करना शुरू कर देते हैं। ऐसे में रोमियो से अकबर बना यह रॉ एजेंट वाल्टर किस तरह बनता है, यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

कलाकारों की एक्टिंग : फिल्म में जॉन अब्राहिम की एक्टिंग की बात करे तो हर बार की तरह इस बार भी वह किरदार में रमे नजर आ रहे हैं। सिकंदर खेर ने भी दमदार अभिनय किया है। रॉ प्रमुख की भूमिका में जैकी श्रॉफ की एक्टिंग भी लाजवाब है। हालांकि, मौनी अपनी एक्टिंग से दर्शकों पर कोई खास प्रभाव डालने में कामयाब नहीं हो सकीं।

क्या है फिल्म में खास :  यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और बांग्लादेश के जन्म की पृष्ठभूमि पर बनाई गई है। इंटरवल से पहले फिल्म थोड़ी बोझिल साबित होती है लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म रफ्तार पकड़ लेती है। निर्देशक रॉबी ग्रेवाल अगर फिल्म के स्क्रीनप्ले पर थोड़ा और काम करते तो फिल्म का स्वरूप और अच्छा हो सकता था। अगर आपको एक्शन या थ्रिलर फिल्में देखना पसंद है तो आप एक बार जरूर रॉ फिल्म देख सकते हैं।

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