जेपी नड्डा के हाथ आई भाजपा की कमान, निर्विरोध चुने गए नए अध्यक्ष, ऐसा रहा उनका राजनीतिक सफर

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर चुन लिया गया है। सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए गए थे। लेकिन नड्डा के खिलाफ किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया, लिहाजा पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी राधामोहन सिंह ने जेपी नड्डा के अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की।


ये होंगी चुनौतियां

नड्डा बीजेपी के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। वह अगले तीन साल तक इस पद पर रहेंगे। इस दौरान दिल्ली के बाद बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु समेत कई बड़े राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं, जो उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।

आम सहमति से चुने गए अध्यक्ष

अमित शाह और राजनाथ सिंह ने नड्डा के नाम का प्रस्ताव रखा। जब कोई दूसरा पर्चा दाखिल नहीं हुआ तो आम सहमति से नड्डा को अध्यक्ष चुना गया। वैसे यह पहली बार नहीं है, बल्कि बीजेपी में हमेशा से ही अध्यक्ष पद का चुनाव आम सहमति और बिना किसी मुकाबले के हुआ है।

भाजपा के ‘चाणक्य’

अमित शाह पिछले साढ़े पांच साल से बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी की कमान संभाल रहे थे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पार्टी की कमान संभालने वाले अमित शाह की अगुवाई में बीजेपी ने कई ऊंचाईयों को चुना। फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा की प्रचंड जीत के बाद से अमित शाह को चाणक्य कहा जाने लगा।

जेपी नड्डा का राजनीतिक सफर

2 दिसंबर 1960 को पटना में जन्में जेपी नड्डा के राजनीतिक सफर की शुरुआत आरएसएस (RSS) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से हुई थी। पढ़ाई के दौरान साल 1983 में नड्डा छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। साल 1984 में नड्डा ने एबीवीपी के पूर्वकालीन कार्यकर्ता के रूप में हिमाचल में बतौर एबीवीपी के संगठन मंत्री कार्य किया। 1989 में नड्डा ने एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी निभाई। साल 1990 में नड्डा को बीजेपी में संगठन मंत्री की जिम्मेदारी मिली और इसके बाद वह हिमाचल प्रदेश भेज दिए गए। 1991 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली। 1993 में नड्डा पहली बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा पहुंचे। वह लगातार तीन बार विधायक चुने गए। 1998 में उन्हें स्वास्थ्य और संसदीय मामलों का मंत्री बनाया गया।


2007 में नड्डा फिर से चुनाव जीते और इस बार उन्हें प्रेम कुमार धूमल की सरकार में वन-पर्यावरण, विज्ञान व टेक्नालॉजी विभाग का मंत्री बनाया गया। साल 2012 में नड्डा को राज्यसभा का सांसद चुना गया। फिर मोदी सरकार में उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय की कमान सौंपी गई। साल 2019 में लोकसभा चुनाव में दोबारा प्रचंड जीत के बाद मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह को गृहमंत्री बनाया गया और नड्डा को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।

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