बीजेपी में शामिल होकर सिंधिया बोले- कांग्रेस छोड़ते वक्त दुखी भी हूं, मप्र में किसान त्रस्त और नौजवान बेबस

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. कांग्रेस के युवा नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को बीजेपी का दामन थाम लिया है। सिंधिया ने बुधवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में सदस्यता ली।



बीजेपी में शामिल होने के बाद सिंधिया ने सभी बड़े नेताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि, ‘मैं सबसे पहले आदरणीय नड्डा जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को धन्यवाद देना चाहूंगा कि आपने मुझे अपने परिवार में आमंत्रित किया और एक स्थान दिया।’


उन्होंने आगे कहा कि, ‘मध्य प्रदेश में एक सपना हमने पिरोया था, जब वहां सरकार बनी। लेकिन 18 महीने में वो सारे सपने बिखर गए, चाहे वो किसानों के ऋण माफ करने की बात हो, पिछले फसल का बोनस न मिलना हो, ओलावृष्टि से नष्ट फसल आदि का भी मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है।’


सिंधिया ने कहा कि, ‘मेरे जीवन में दो दिन ऐसे आए, जिन्होंने मेरा जीवन बदल दिया। पहला 30 सितंबर 2001, जिस दिन मैंने अपने पिता को खोया। दूसरी तारीख 10 मार्च 2020, जो उनकी 75वीं वर्षगांठ थी। मेरा मानना है कि हमारा उद्देश्य जनसेवा होना चाहिए। मेरे पिताजी और मैंने हमेशा इसी पर काम किया।’


सिंधिया ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि, ‘आज मन व्यथित है और दुखी भी है। कांग्रेस अब पहले वाली कांग्रेस नहीं रह गई है। मध्य प्रदेश में किसान त्रस्त है, नौजवान बेबस है। रोजगार कम हुआ और भ्रष्टाचार बढ़ा है।’

नड्डा ने किया राजमाता सिंधिया को याद 

वहीं बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि, ‘आज हम सबके लिए बहुत खुशी का विषय है और आज मैं हमारी वरिष्ठतम नेता स्वर्गीय राजमाता सिंधिया जी को याद कर रहा हूं। भारतीय जनसंघ और भाजपा दोनों पार्टी की स्थापना और स्थापना से लेकर विचारधारा को बढ़ाने में एक बहुत बड़ा योगदान रहा है।’

उन्होंने आगे कहा कि, ‘ज्योतिरादित्य जी आज अपने परिवार में शामिल हो रहे हैं, मैं इनका स्वागत करता हूं और हार्दिक अभिनन्दन भी करता हूं। हमारे लिए राजमाता जी आदर्श और हम सब के लिए वो एक दृष्टि और दिशा देने वाली नेता रही हैं। उन्होंने पार्टी को शैशव काल से उसकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम किया। मैं अपनी ओर से और सभी कार्यकर्ताओं की तरफ से उनका हार्दिक अभिनंदन करता हूं, स्वागत करता हूं।’

होली पर दिया इस्तीफा

बता दें मंगलवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके साथ मध्य प्रदेश कांग्रेस के 22 और भी विधयकों ने पार्टी छोड़ दी थी। सिंधिया के इस बड़े फैसले से मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पर संकट आ गया और पार्टी अब अल्पमत में आ गई है। बता दें मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं। इनमें से दो सीट खाली है, जिसके बाद कुल संख्या 228 है। यदि कांग्रेस के 22 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है तो कुल संख्या 206 हो जाती है। यानी बहुमत क लिए 104 विधायकों की जरूरत होगी।

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