कमलनाथ सरकार का बड़ा फैसला, मैहर-चाचौड़ा और नागदा होंगे तीन नए जिले

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चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे से एक तरफ राज्य सरकार पर संकट छाया हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कमलनाथ संवैधानिक पदों पर लगातार नई नियुक्तियां कर रहे हैं। विधायकों की मांग को पूरा करते हुए प्रदेश सरकार ने तीन नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी है। कमलनाथ सरकार की कैबिनेट ने चाचौड़ा, नागदा और मैहर को नए जिले बनाने पर मुहर लगा दी। इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश में अब 55 जिले हो जाएंगे।



बता दें, बागी विधायक काफी समय से नए जिले बनाने की मांग कर रहे थे। वहीं, भाजपा से खफा चल रहे विधायक नारायण त्रिपाठी लंबे समय मैहर (सतना) को जिला बनाने की मांग कर रहे थे। वह कई बार कह चुके हैं कि जो उनके क्षेत्र के विकास की बात करेगा, वे उसके साथ रहेंगे। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है। खबरों के मुताबिक, बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार के कुछ मंत्री शामिल नहीं हो पाए, जिनमें उमंग सिंघार, सज्जन वर्मा, तरूण भनोट, लखन यादव, लखन घनघोरिया, जीतू पटवारी, हर्ष यादव के नाम शामिल हैं।

क्यों बनाए गए नए जिले?

चाचौड़ा : दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह चाचौड़ा (गुना) को लंबे समय से जिला बनाने की मांग कर रहे थे। वे भी कई बार अपनी ही सरकार को इस मुद्दे को लेकर घेर चुके हैं।

मैहर: भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी लंबे समय से यह मांग करते आ रहे हैं कि मैहर (सतना) को जिला बनाया जाए। सियासी घटनाक्रम के बीच वे 4 से 5 बार मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। इससे पहले भी वे सीएए को लेकर अपनी पार्टी (भाजपा) के खिलाफ नजर आए थे। वे खुले मंच से कह चुके हैं कि जो उनके क्षेत्र के विकास की बात करेगा, वे उसके साथ रहेंगे।

नागदा : नागदा (उज्जैन) से विधायक दिलीप सिंह गुर्जर भी जिला बनाने की मांग कर रहे थे। सूत्रों की मानें तो 4 बार विधायक बनने के बाद भी मंत्री नहीं बनाए जाने से भी दिलीप सरकार से नाराज हैं।

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